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नशीली दवाओं के धंधेबाजों ने ग्रामीण क्षेत्र तक फैला नेटवर्क

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शाहजहांपुर। नशीली दवाओं के धंधेबाजों ने ग्रामीण इलाकों में अपना नेटवर्क फैला रखा है। गत वर्ष रोजा क्षेत्र के सिसौआ गांव में दो अवैध मेडिकल स्टोर पकड़े जा चुके हैं। इससे पहले, कलान में भाजपा नेता के मेडिकल स्टोर से उसके बेटे को नशीली दवाओं का स्टॉक रखने और बिक्री करने के मामले में पकड़ा जा चुका है।
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बंडा के एक मेडिकल स्टोर पर भी नशीली दवाओं के साथ विभिन्न कंपनियों के रैपर वाली नकली दवाएं जब्त हो चुकी हैं, लेकिन यह पहला मौका है कि जब शहर के मोहल्ला महमंद जंगला में किसी मेडिकल स्टोर के बजाय मोबाइल शाप से नशीली दवाएं बरामद हुईं। खास यह है कि इन मामलों में विक्रेताओं पर मुकदमें दर्ज किए गए, लेकिन उन्हें नशीली दवाएं आपूर्ति करने वाले हर बार बच निकलने में सफल रहते हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) के अधिकारियों के अनुसार मोहल्ला महमंद जंगला में मोबाइल शॉप की आड़ में नशीली दवा बेंचने वाला शोएब अख्तर जैदी व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते कार्रवाई के घेरे में आया। शहर मेें ही एक अन्य मोबाइल की दुकान के संचालक ने उसके बारे मेें विभाग के उच्चाधिकारियों को इत्तला दी थी। उसकी सूचना पर सहायक आयुक्त के स्तर से गठित टीम ने महमंद जंगला मे बताई गई दुकान पर छापा मारा तो वहां से करीब एक लाख रुपये कीमत कोडिन सीरप की शीशियां बरामद हो गईं। औषधि निरीक्षक देशबंधु विमल के अनुसार यह दवा कफ सीरप के तौर पर खांसी में प्रयोग की जाती है, लेकिन शोएब इसकी बिक्री नशे के लिए करता था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 और 8/22 के तहत थाना सदर बाजार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, लेकिन उससे नशीली दवा आपूर्तिकर्ताओं का सुराग नहीं लग सका है।
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कलान और बंडा में पकड़ी जा चुकीं प्रतिबंधित दवाएं
19 दिसंबर, 2019 को बरेली में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ के जवानों ने पंजाब के दो मोना सिख युवकों से तमाम नशीली गोलियां और हार्मोनल इंजेक्शन आक्सीटोसिन के एंपुल बरामद किए थे। उसे पता चला कि वह नशीली ड्रग और इंजेक्शन कलान के एक मेडिकल स्टोर से खरीदकर पंजाब के विभिन्न शहरों तक पहुंचाते हैं। आरपीएफ की सूचना पर औषधि प्रशासन उपायुक्त ने कई जनपदों के औषधि निरीक्षकों की जांच टीम गठित की, जिसने पकड़े गए युवकों की निशानदेही पर कलान में बदायूं मार्ग पर स्थित एक भाजपा नेता के मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर वहां से करीब एक बोरा नशीली दवाएं और 50 एमएल मात्रा वाले प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए थे। अगले दिन जिले के अन्य कई मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं के स्टॉक की जांच शुरू की गई तो बंडा में गांव मोहिद्दीनपुर निवासी एक व्यक्ति के ड्रग स्टोर से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन समेत नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दर्द निवारक ट्रामाडोर टेबलेट के दो नमूने सील किए गए थे। प्रयोगशाला जांच में आक्सीटोसिन गुणवत्ताहीन और ट्रामाडोर नकली पाई गई। अधिकारियों के अनुसार आक्सीटोसिन का केवल दो एमएल मात्रा वाला इंजेक्शन बिक्री को अनुमन्य है, लेकिन दोनों मेडिकल स्टोर से मिले आक्सीटोसिन इंजेक्शन 50 एमएल वाले बरामद हुए और उन पर निर्माता कंपनी के रैपर भी नहीं मिले।
कलान और बंडा के मेडिकल स्टोरसके बिक्री लाइसेंस निरस्त कर संबंधित विक्रेताओं पर मुकदमें दर्ज करा दिए गए हैं। रोजा क्षेत्र के सिसौआ गांव में पकड़े गए दो अवैध मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ भी न्यायालय मेें औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमें दर्ज कराए गए हैं। बीते दिन महमंद जंगला में मोबाइल की दुकान से नशीली दवा बरामद होने के मामले में पता लगाया जा रहा है कि दुकान संचालक को कोडिन की शीशियां कहां से मिली। सुराग लगने पर आपूर्तिकर्ताओं को भी मुकदमे प्रतिवादी बनाया जाएगा।
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- देशबंधु विमल, औषधि निरीक्षक
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