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पुवायां में कनक हॉस्पिटल के सर्जिकल उपकरण सील, दवाएं भी जब्त

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पुवायां। पुवायां में निगोही रोड स्थित कनक हॉस्पिटल के सर्जिकल उपकरणों को सील कर दिया गया है। दवाएं भी जब्त कर ली गई हैं। अस्पताल चला रहे लोग पंजीकरण और अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सके।
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जनपद खीरी के थाना मोहम्मदी के गांव बवक्करपुर निवासी गुरुजिंदर सिंह ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने 10 जून को प्रसव पीड़ा होने पर अपनी बहू हरजीत कौर को पुवायां में निगोही रोड पर कनक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके परिवार के लोगों और बहू के मायके के लोगों को बाहर बिठा दिया गया और डॉ. एमपी सिंह ने गलत इंजेक्शन लगा दिया। दो नर्सों ने बहू को इंजेक्शन लगाकर बेड पर लिटा दिया। रात 12 बजे बहू किसी तरह बाहर निकली और बताया कि डिलीवरी के बारे में नर्सों को कोई जानकारी नहीं है और वह उसके साथ काफी देर से गलत व्यवहार कर रही। बहू की हालत काफी खराब थी। इसके बाद वह बहू को शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है और बहू के शरीर में भी जहर फैलने लगा है। डॉक्टर ने आपरेशन कर मृत बच्चे को निकाला और बमुश्किल बहू की जान बच सकी।
सीओ नवनीत कुमार नायक मामले की जांच कर रहे थे। सोमवार को सीओ, सीएचसी प्रभारी डॉ. मोहम्मद आसिफ और शिकायतकर्ता के साथ कनक हॉस्पिटल पहुंचे। अस्पताल का पंजीकरण सहित अन्य दस्तावजे मांगे गए तो अस्पताल में मौजूद लोग कोई कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई, तब डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेशपाल, एसडीएम दशरथ कुमार भी मौके पर पहुंचे। अस्पताल में प्रसव कराने सहित तमाम उपकरण मिले, जिनको सील कर दिया गया है। अस्पताल में मिली दवाएं भी जप्त कर डीआई को मौके पर बुलाकर दवाएं सील कराई गई हैं। गुरुजिंदर सिंह की ओर से डॉ. एमपी सिंह अन्य स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें
पुवायां सीएचसी प्रभारी डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि चार पांच माह पूर्व भी एक व्यक्ति ने कनक हॉस्पिटल की शिकायत की थी। शिकायत में अस्पताल के बोर्ड पर अंकित डॉक्टरों के अस्पताल नहीं आने सहित तमाम शिकायतें की गई थी। इस पर जांच की गई थी और अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब सीएमओ कार्यालय में दाखिल करने के निर्देश दिए गए थे। अस्पताल संचालकों ने जवाब दाखिल किया था कि नहीं, इसकी जानकारी उनको नहीं है।
शिकायत पर जांच में अस्पताल संचालक पंजीकरण सहित अन्य दस्तावजे उपलब्ध नहीं करा सके। इस कारण अस्पताल के मेडिकल उपकरण सील कर दिए गए हैं। दवाएं मिलने से प्रतीत होता है कि अस्पताल में मेडिकल स्टोर भी चल रहा था। डीआई को दवाएं सील करने को कहा गया है।
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डॉ. नरेशपाल, डिप्टी सीएमओ शाहजहांपुर
जो आरोप लगाए गए हैं, वह पूरी तरह से गलत हैं। प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है। जांच में सारा मामला सामने आ जाएगा।
डॉ. एमपी सिंह, संचालक कनक हॉस्पिटल पुवायां
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