शाहजहांपुर। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिनमें वायरल फीवर के मरीज ज्यादा हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट तक बुखार के मरीजों की भरमार हो गई है। जिला अस्पताल का ट्रामा सेंटर मरीजों से फुल है। चिकित्सकों की मानें तो शुरुआत में लो प्लेटलेट्स होने के बाद कमजोरी आती है और फिर व्यक्ति वायरल फीवर से ग्रस्त हो जाता है। मौसम में तेजी से आ रहे बदलाव के चलते यह समस्या उत्पन्न हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज लगभग 1500 पर्चे नए बनाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित लगभग 250 मरीज ओपीडी और 15 मरीज ट्रामा सेंटर में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी और मेल, फीमेल मेडिकल वार्डों में लगभग 30 बुखार पीड़ित भर्ती हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है। वहीं कुछ मरीजों में सुधार भी बताया गया है। फिलहाल जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से भर्ती मरीजों को समय से दवा एवं इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
डेंगू के प्रकोप के चलते मेडिकल कॉलेज प्रशासन हुआ अलर्ट वर्तमान समय में डेंगू का प्रकोप हावी होने का खतरा बना रहता है। इसके चलते मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट हो गया है। अस्पताल में पहले से ही स्थापित डेंगू वार्ड को सक्रिय कर दिया गया है। हालांकि अभी तक एक भी मरीज डेंगू का नहीं आया है। अधिकतर मरीज लो प्लेटलेट्स के आए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डेंगू से निपटने के लिए पूरी तैयारियां कर रखी हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर अनिल राज ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, पानी को एक स्थान पर रुकने ना दें, रुके पानी को फेंक दें, नालियों में डीजल या पेट्रोल डाल दें, खुले स्थान पर या छतों पर कतई ना सोएं। वायरल फीवर होने पर खानपान का विशेष ध्यान रखें बाहर की कोई भी चीज ना खाएं इसके अलावा किसी योग्य चिकित्सक के द्वारा बताई गई दवा का ही सेवन करें।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ राहुल यादव ने बताया कि दिवाली के बाद मौसम में बदलाव होने के चलते वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी इजाफा होने लगा है। प्रतिदिन लगभग 15 मरीज ट्रामा सेंटर में वायरल फीवर से पीड़ित आ रहे हैं। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंड से बचाव के लिए रात्रि में भरपूर कपड़े पहने जरा सी भी लापरवाही परेशानी में डाल सकती है।