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Shahjahanpur News: डिप्थीरिया के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क

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शाहजहांपुर। जनवरी से अब तक डिप्थीरिया (गलाघोंटू) के चार संदिग्ध मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। गर्मी में डिप्थीरिया के ज्यादा मामले आने के कारण रोकथाम के लिए टीकाकरण की तैयारी की गई है। इसके लिए 20 से 30 अप्रैल तक अभियान चलाकर टीकाकरण कराया जाएगा। विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार कर लिया है।
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डिप्थीरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाएगा। अभियान के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर टीकाकरण किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जिले में जनवरी से अब तक चार केस सामने आए हैं। चूंकि गर्मी में बच्चे रोग की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए रोकथाम के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया गया है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अभियान को लेकर बैठक की गई। डीएम ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाचार्य के साथ बैठक कर प्राथमिक विद्यालय, मदरसों व आंगनबाड़ी केंद्रों में डिप्थीरिया के टीकाकरण के बारे में अवगत कराएं।
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एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि डिप्थीरिया एक खतरनाक बीमारी है। समय से टीकाकरण करने पर यह रोग नहीं होता है। उन्होंने बताया कि यह रोग गलाघोंटू बीमारी जैसा है। रोग होने पर गले में सूजन आ जाती है। गले में खराश, बुखार और गर्दन में सूजन जैसे लक्षण होते है। छोटे बच्चों को आमतौर पर पेंटावेलेंट वैक्सीन दी जाती है, जबकि बड़े बच्चों और वयस्कों के लिए बूस्टर खुराक (हर 10 साल में) अनुशंसित है।
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पांच व छह साल तक डीपीटी, दस व 16 साल वालों को टीडी का टीका लगाया जाता है। ये टीके डिप्थीरिया, टिटनेस और काली खांसी से बचाव करते हैं।
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