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कोरोना कर्फ्यू की अवधि बढ़ी तो बाजारों में उमड़ पड़ी भीड़

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शाहजहांपुर। शासन स्तर से सोमवार सुबह तक के लिए लागू कोरोना कर्फ्यू की अवधि 17 मई तक बढ़ा दिए जाने के कारण बाजारों में किराने के सामान और अन्य वस्तुओं की खरीदारी को रविवार सुबह दस बजे के बाद अचानक भीड़ बढ़ने लगी। इससे बाजारों में सामाजिक दूरी प्रभावित हुई तो पुलिस भी हरकत में आ गई।
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बहादुरगंज और गल्ला मंडी से लेकर चौक मंडी तक किराने की दुकानों पर लगी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कई बार डंडे फटकारने पड़े। बहादुरगंज में दोपहर 12 बजे के बाद पुलिस ने सख्त तेवर दिखाते हुए मेडिकल स्टोर छोड़कर सभी दुकानें बंद करा दीं। इस बीच, बाजार में वाहनों से अनावश्यक घूमते लोगों को रोका और उनके वाहनों का चालान कर दिया।
बीते दिनों की तरह रविवार को भी शहर समेत जिले के अन्य नगरीय इलाकों मेें किराना प्रतिष्ठान सुबह छह बजे से खुल गए। फर्क सिर्फ इतना रहा कि आज थोक खरीदारी के लिए बहादुरगंज, केरूगंज और चौक मंडी के बाजारों में शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के फुटकर विक्रेता बड़ी संख्या में पहुंचे। दरअसल, शासन से पूर्व घोषित कोरोना कर्फ्यू का आज आखिरी दिन था और बाहर के व्यापारियों को इस बात की पहले से आशंका कि सरकार संक्रमण की रफ्तार कम करने को जैसी गंभीरता दिखा रही है, उसे देखते हुए सोमवार को खत्म होने वाले कोरोना कर्फ्यू की अवधि में इजाफा हो सकता है। इसीलिए बहादुरगंज और वहां की गल्ली मंडी में आसपास के पुवायां, खुटार, निगोही, बंडा, मुकरमपुर, मोहम्मदी, जंगबहादुरगंज आदि कसबों से थोक सामान खरीदने खुदरा विक्रेता ज्यादा दिखे।
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केरूगंज की किराना मंडी, तेल मंडी और चौक मंडी में जलालाबाद, कांट, तिलहर, कटरा, खुदागंज आदि कसबों के फुटकर किराना दुकानदार पहुंचे तो बाजारों में भीड़ बढ़ गई। भीड़ बढ़ाने मेें बाकी कसर फल, सब्जी, बिसातखाना, चूड़ी आदि सामान से सजे ठेलों ने पूरी कर दी। बाहर के कारोबारियों की वापसी भी नहीं हो पाई थी कि इस बीच 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ने की खबर आ गई। नतीजा यह हुआ कि घरों में मौजूद अन्य लोग भी फुटकर खरीदारी को थैले लेकर बाजारों मेें जा पहुंचे। इससे दिन में 11 बजे से बाजारों में इतनी भीड़ हो गई कि कोरोना कर्फ्यू बेमानी होने लगा। ईद की तैयारी के लिए गृहस्थी का सामान खरीदने की होड़ में दुकानों के आगे ग्राहक जमा होने शुरू हुए तो सामाजिक दूरी हाशिए पर चली गई। ऐसे मेें पुलिस कर्मियों ने झुंड में खड़े लोगों को फटकार लगाते हुए उन्हें फासले पर खड़ा कराया।
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कार और कई बाइकों के पुलिस ने किए चालान
कोरोना कर्फ्यू के दौरान पुलिस उन लोगों से कड़ाई से पेश आई, जिनके वाहनों में क्षमता से अधिक लोग बैठे दिखे या फिर जो केवल तफरीह के इरादे से घरों से निकले थे। बहादुरगंज चौराहे पर तैनात एसआई ने सदर बाजार की ओर से आ रही एक कार मेें छह लोग बैठे देख उसे रोक लिया। कार चालक समेत उसमें बैठे अन्य लोगों को कर्फ्यू के नियमों और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने पर पुलिस ने खरीखोटी सुनाई और कार का चालान कर दिया।
इसी तरह जिन बाइकों पर तीन लोग बैठे दिखे, उनके भी कागजात चेक करने के बाद चालान काट दिए। यही नहीं, दुकानों की बंदी लागू होने के बाद साइकिल से सड़कों पर घूमने निकले लोगों को रोका और टायर मेें सूजा घोंपकर ट्यूब पंक्चर कर दिए।
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बाजारों में प्यासे भटकते रहे गोवंशीय पशु
आम दिनों में शहर के बाजारों में कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों के आगे सेवाभाव के तहत पशुओं के पानी से भरे टब रख देते हैं। जब से कोरोना कर्फ्यू लागू हुआ, तब से सड़कों पर छुट्टा घूमने वाले गोवंशीय पशुओं के लिए पानी का संकट पैदा हो गया है। हालांकि, किराना और गल्ला मंडियां खुल रहीं हैं, लेकिन कुछ घंटे के लिए दुकानें खुलने के कारण ज्यादातर कारोबारी बिक्री मेें व्यस्त रहते हैं। इसलिए सड़कों पर विचरने वाले बेजुबान पशु दिन भर इधर-उधर प्यासे घूमते रहते हैं। संवाद
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