बाघ के हमले में गंभीर घायल हुई गाय
एक व्यक्ति के कुत्ते को उठा ले गया बाघ
खुटार के सीमावर्ती खीरी के गांव छेदीपुर के आसपास घूम रहा बाघ पूरी तरह से आक्रामक हो उठा है, बाघ को बस्ती में घुसने से भी जरा भी डर नहीं लग रहा है। शुक्रवार को गांव के टीकाराम को मारने के बाद बाघ रात में गांव के नंदलाल के कुत्ते को उठा ले गया। शनिवार दिन में बाघ ने एक गाय पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया।
नंदलाल गांव के किनारे छप्परनुमा मकान में रहता है। शुक्रवार रात बाघ उसके घर घुस आया। बाघ को देखकर कुत्ता भौंका तो बाघ ने झपट्टा मारकर उसे दबोच लिया और पास के गन्ने के खेत में चला गया। आहट होने पर नंदलाल की आंख खुली तो बाघ को देखकर वह सन्न रह गया। बाघ के जाने के बाद उसके शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी और मशाल आदि लेकर मौके पर पुहंचे और शोर शराबा करते हुए जाग कर रात बिताई।
शनिवार सुबह गांव के बलदेव प्रसाद का पुत्र राहुल गाय चराने गया था। गन्ने के खेत से निकले बाघ ने एक गाय पर हमला कर मारने की प्रयास किया। राहुल के चिल्लाने पर आसपास के लोग शोर मचाते हुए दौड़े तो बाघ गाय को छोड़कर गन्ने के खेत में चला गया। गांव के लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात वन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे थे और लोगों को घरों से नहीं निकलने की सलाह देकर वापस लौट गए। बाघ को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
बाघ के भय से लाठी लेकर बच्चों को शौच कराने गए लोग
गांव छेदीपुर में समूह में खेतों पर जा रहे लोग
खुटार। गांव छेदीपुर के खेतों से लेकर जंगल तक घूम रहे बाघ से गांव के अलावा आसपास के गांवों में भी भारी दहशत है। लोगों ने गन्ने के खेतों के पास जाना छोड़ दिया है और बहुत जरूरी होने पर लाठी, डंडे लेकर समूह में हो हल्ला मचाते हुए जा रहे हैं।
शनिवार सुबह बच्चों को शौच आदि कराने के लिए दर्जनों की संख्या में लोग लाठी आदि लेकर शोर मचाते हुए बच्चों के साथ खेतों की ओर गए। पशुओं के लिए घास आदि लेने के लिए भी लोग समूह में ही जा रहे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि क्षेत्र में घूम रहा बाघ पूरी तरह से नरभक्षी हो चुका है और एक व्यक्ति को घायल करने के साथ ही तीन लोगों को मार चुका है, लेकिन वन विभाग के लोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
लोगों ने कहा कि जल्द ही बाघ को पकड़े जाने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो वह लोग आंदोलन करने पर बाध्य होंगे। शुक्रवार को बाघ के हमले में मृत टीकाराम का शव पोस्टमार्टम के बाद देर शाम गांव पहुंचा। टीकाराम की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।