शाहजहांपुर। लखीमपुर जिले के थाना पसगवां के गांव जिंदपुरा निवासी इंद्र कुमार ने 22 अगस्त को 65 वर्षीय बुजुर्ग के शव को देखकर अपने पिता रनालाल के रूप में पहचान की थी। वह शव को लेकर गया और अंतिम संस्कार कर दिया। दसवां भी कर दिया। बाद में पता चला कि पिता रनालाल जिला अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। मंगलवार शाम को भतीजे अस्पताल पहुंचे। हालांकि अभी बेटा नहीं आया है।
22 अगस्त की सुबह चौक कोतवाली क्षेत्र के अजीजगंज चौकी के पास सड़क किनारे एक बुजुर्ग का शव मिला था। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार के मुताबिक, शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। शाम को पसगवां के गांव जिंदपुरा निवासी इंद्र कुमार ने मोर्चरी में पहुंचकर शव की शिनाख्त अपने पिता रनालाल के रूप में की। इंद्र कुमार ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता करीब डेढ़ महीने पहले घर छोड़कर चले आए थे। वह साधु बनकर रहने लगे थे। किसी महात्मा ने शव को देखकर उन्हें सूचना दी थी। पुलिस ने आधार कार्ड से पुष्ट कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया था। परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मृत्यु के बाद की सारी परंपराओं का निर्वहन कर दिया गया।
इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह ने बताया कि रना लाल ने कुछ दिन पहले अपने परिवार का एक फोन नंबर वार्ड में भर्ती एक मरीज के तीमारदार को बताया था। उसने फोन कर रनालाल के अस्पताल में भर्ती होने की बात बताई तो परिजन ने बताया कि उनकी मौत हो चुकी है। इस पर तीमारदारों ने उनका वीडियो बनाकर परिजन को भेजा। इसके बाद मंगलवार को रनालाल के दो भतीजे आए। वे अपने ताऊ के निधन के बाद अंतिम संस्कार होने पर सिर तक मुंडवा चुके थे।
एक महीने पहले पैर टूटने पर हुए थे भर्ती
-राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती रनालाल एक महीने पहले गिर गए थे। इससे उनके पैर में काफी चोटें आई थीं। लोगों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। उनकी देखभाल वार्ड की महिला तीमारदार कर रहे थे। महिलाओं ने बताया कि वह उन्हें खाना खिलाती थीं।
बेटे को दी सूचना, वह अभी तक न आया
-भतीजों ने बेटे इंद्र कुमार को सूचना दी थी। उन्हें बताया था कि रनालाल जिंदा हैं। उनके पैर में प्लास्टर चढ़ा है। इसके बाद भी इंद्र कुमार अस्पताल नहीं आया। इसके चलते मामले में बेटे की भूमिका संदिग्ध लग रही है।
दोनों का चेहरा मिल रहा था
-चौक इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि बुजुर्ग का पोस्टमार्टम अज्ञात के रूप में भरा गया था। उसका फिंगर प्रिंट भी नहीं हो पाए थे। तभी परिजन आ गया। उन्होंने शव की पहचान की थी। उसी के आधार पर शव को दे दिया गया था। अब पुलिस उस शव के बारे में पड़ताल करेगी।
-मामले के सत्यापन के लिए टीम को भेजा गया है। उस व्यक्ति से पूछताछ की जाएगी, जिसने शव की पहचान की थी। संभव है कि पिता की संपत्ति को लेकर जानबूझकर ऐसा किया हो। ऐसा तथ्य सामने आने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार, एसपी सिटी