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झोपड़ी में आग लगाने के दोषी को सात साल की सजा

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शाहजहांपुर। प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने झोपड़ी में आग लगाने के मुकदमे में दोषी को सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर साढ़े सात हजार रुपये का जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया है।
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सरकारी वकील संजीव सिंह चौहान और उमेश चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि तिलहर क्षेत्र के गांव कपसेड़ा निवासी राम सागर पांच नवंबर 2012 को शाम साढ़े पांच बजे अपने छोटे भाई श्रवण कुमार के साथ सिंघाड़े लादने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। तभी उसके गांव का रामरहीस उससे सिंघाड़े मांगने लगा। इन्कार करने पर रामरहीस ने रामसागर को पीटना शुरू कर दिया। आसपास के लोगों ने उसे बचाया। शाम को छह बजे रामरहीस उसके घर आ गया और गालीगलौज करने लगा। रामरहीस ने रामसागर और उसकी पत्नी, बेटी के साथ मारपीट की। उसकी झोपड़ी में आग लगा दी जिससे उसका सारा घरेलू सामान जल गया। पुलिस ने रामरहीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकीलों के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने रामरहीश को दोषी माना। उसे सात साल के कारावास की सजा सुनाई है।
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