रिलायंस थर्मल पॉवर प्लांट से शहर समेत जिले को 24 घंटे बिजली सप्लाई देने की मुहिम चला रहे आम आदमी संस्था के प्रदेश अध्यक्ष विशेश्वर नाथ हांडा को मुख्यमंत्री से मिलने से रोकने के मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी गंगाराम ने हांडा से दूरभाष पर वार्ता कर घटनाक्रम का ब्यौरा लिया। इस बीच, डीजीपी कार्यालय के लोक शिकायत प्रकोष्ठ ने एसपी को पत्र भेजकर इस प्रकरण में शासन की अपेक्षा के अनुरूप कार्यवाही करने को कहा है।
अपनी मुहिम को धार देने के लिए कई बार कलक्ट्रेट में कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन करने के अलावा नेशनल हाईवे जाम करने के साथ आत्मदाह की घोषणा कर चुके आस नेता हांडा को गत वर्ष लखनऊ में पुलिस ने पकड़ा तो उन्होंने जान देने के इरादे से जहर निगल लिया। इलाज के बाद स्वस्थ हुए हांडा ने जनहित की मांग उपेक्षित किए जाने के विरोध में चालू माह के पहले सप्ताह में लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलने की घोषणा की तो जिले की पुलिस फिर उनके पीछे पड़ गई।
उनकी लखनऊ रवानगी से पहले गत तीन फरवरी की शाम सदर बाजार कोतवाली की कैंट चौकी पुलिस उनके रामनगर सिथत घर जा धमकी। आस नेता का आरोप है कि लखनऊ जाने से रोकने के लिए पुलिस ने पूरी रात उन्हें घर में नजरबंद रहने को मजबूर किया। चार फरवरी को दिन में 11 बजे तक उन्हें कैंट चौकी पर वहां के प्रभारी ने अपनी निगरानी में बिठाए रखा। हांडा ने आठ फरवरी को इस मामले मेें मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था।
इसी पत्र का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी ने हांडा को फोन कर उनसे प्रकरण का पूरा विवरण लिया। साथ ही आश्वस्त किया कि शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को उचित कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। इसकी पुष्टि डीजीपी कार्यालय स्थित लोक शिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी एसपी द्वारा जिले के एसपी को भेजे पत्र से भी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के ओएसडी और हांडा से प्राप्त पत्र संलग्न करके एसपी से आवश्यक कार्यवाही की अपेक्षा की है।