रामगंगा का जलस्तर मंगलवार को और बढ़ गया। इससे गांव हरिहरपुर में भू-कटान जारी रहा। पूर्व प्राथमिक विद्यालय टेढा के समीप मंगलवार को कटान कुछ कम हुआ। नदी कोल करते हुए बीच गांव में कटान कर रही है। इससे लोग नदी किनारे आये पक्के मकान तोड़ रहे हैं। नदी के कटान से हो रही विनाशलीला को ब्लाक प्रमुख पुरूषोत्तम सिंह वर्मा ने मौके पर जाकर देखा और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
रामगंगा के कटान की वजह से लोग मकान समाने से पहले तोड़कर ईंट, सरिया, दरवाजे, खिड़कियां खुद निकाल रहे हैं। ग्रामीण ओमकार, अवधेश व संजीव ने ब्लाक प्रमुख को बताया कि चार साल पहले रामगंगा गांव से करीब दो किलोमीटर दूर बह रही थी। चार साल में रामगंगा नदी उनके खेत और बाग काटते हुए गांव में पहुंच गई। छोटे पहरूआ गांव का अस्तित्व ही इस वर्ष की बाढ़ में समाप्त हो गया है। बाढ़ से बेघर हुए लोग अपने खेतों में झोपड़ी डालकर रह रहे हैं। बाढ़ में मकान कट जाने से लोग पन्नी तानकर गुजारा कर रहे हैं। ब्लाक प्रमुख ने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि संकट की इस घड़ी में वह ग्रामीणों के साथ हैं। सीडीओ से दैवीय आपदा के तहत बाढ़ पीड़ितों को अधिक से अधिक सहायता देने का आग्रह करेंगे। इस मौके पर पीड़ित श्रीपाल सिंह, लोकनाथ, भूमिराज, ओमकार, राजपाल, संजीव व अवधेश वर्मा आदि मौजूद रहे।