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‘देश में पर्यटन खुशी का आधार है, मजा लेने का नहीं’

Mon, 01 Feb 2016 12:38 AM IST
शाहजहांपुर।
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स्वामी शुकदेवानंद पीजी कॉलेज में चल रहे दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का रविवार को समापन हो गया। अंतिम सत्र में शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले शोधार्थियों और शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक अरुण ओझा ने कहा कि भारत में पर्यटन तीर्थाटन के रुप में रहा है। मगर कभी उद्योग नहीं बना। इसलिए पर्यटन सच्ची खुशी का आधार था, मजा लेने का नहीं।
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सेमिनार के विषय पर्यटन, व्यवसायवाद और मानवीय प्रसन्नता, चुनौतियां और अवसर पर विचार रखते हुए ओझा ने कहा कि विषयकाल के प्रवाह में आज पर्यटन व्यवसाय बन गया है। इसीलिए उसमें उपभोक्तावाद जुड़ गया है। भारत के लिए शंकराचार्य ने देश को एकता के सूत्र में बांधे रखने के लिए धार्मिक तीर्थाटन को बढ़ावा दिया। उन्होंने बिखरे हुए देश को एक करने के लिए भारत के चारों कोनों पर चार धामों की स्थापना की।
विशिष्ट अतिथि केएमसी उर्दू, अरबी, फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. खान मसूद अहमद ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद का पैमाना कभी भी सुख का पैमाना नहीं बन सकता। सुख तो एक दार्शनिक संकल्पना है जो आधुनिक अर्थशास्त्र के सिद्धांतों से बिल्कुल भिन्न है। बाजार उपभोग और उपयोगिता के सिद्धांतों से चलता है और इसे ही वह कल्याण का साधन मानता है। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ. एके मिश्र ने स्वागत भाषण, आयोजन सचिव डॉ. अनुराग अग्रवाल ने सेमिनार की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. राजीव अग्रवाल ने अतिथियों का परिचय दिया।
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इस अवसर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्रो. एचके सिंह, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय निदेशक प्रो. बीएन सिंह, कुमायूं विश्वविद्यालय नैनीताल के प्रो. अतुल जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। समापन सत्र की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने तथा संचालन डॉ. अभिजीत मिश्र और अपूर्वी शर्मा ने किया। सचिव रामचंद्र सिंघल ने आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. आदर्श पांडेय, प्रो. एसके श्रीवास्तव, प्रो. सोमेश शुक्ला, डॉ. दीपक सिंह, संजय वरनवाल, डॉ. रेनू शुक्ला, केएस पठानिया, डॉ. अभिनव मिश्र, डॉ. विवेक पाठक, डॉ. दीपक मिश्र, चंद्रभान त्रिपाठी, डॉ. राम निवास गुप्ता आदि का योगदान रहा।  
श्रेष्ठ शोधपत्रों के लिए इन्हें किया गया सम्मानित
अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में श्रेष्ठ शोधपत्र प्रस्तुत करने पर स्कॉलर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में शिक्षक वर्ग में इंद्रप्रीत कौर, अपूर्वा शर्मा, डॉ. प्रशांत अग्निहोत्री, केशव शुक्ला, डॉ. आलोक गुप्ता, प्रो. भारत, बेबी शर्मा, विद्यार्थी वर्ग से शांतनु, सौरभी, प्रियांशी, अमित कुमार, विवेक सक्सेना, फलक वारसी, अभिनव दीक्षित और गुलफशां खान आदि शामिल रहे।
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