ददरौल में 2383 मतदाताओं ने किया प्रत्याशियों को दरकिनार
मोदी लहर ने जहां जिले की छह में से पांच विधानसभा में भाजपा का परचम लहरा दिया वहीं कई ऐसे वोटर भी थे जिन्हें भाजपा प्रत्याशी भी लुभा नहीं सके, नतीजतन उन्होंने नन फार अदर्स (नोटा) का बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को दरकिनार कर दिया। जिले में नोटा के कुल 10 हजार 726 वोट पड़े, जिसमें सबसे ज्यादा ददरौल विधानसभा में 2383 और सबसे कम शाहजहांपुर में 1151 वोटर ने नोटा का बटन दबाया।
जिले की छह विधानसभाओं में शाहजहांपुर में 13 प्रत्याशी, पुवाया में 11, ददरौल में 10, जलालाबाद में 10, कटरा में 13 तथा तिलहर में 14 को मिलाकर कुल 71 प्रत्याशी अपने-अपने मुद्दे, वायदों और अपनी व्यक्तिगत छवि के साथ वोटरों का विश्वास जीतने चुनाव मैदान में उतरे थे। 15 फरवरी को 12 लाख 57 हजार 366 वोट पड़े थे। ईवीएम में कैद हुए मतों में से उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला शनिवार को मतगणना के बाद हो गया। छह सीटों में से जलालाबाद को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर भाजपा का परचम लहराया। जिले में जमकर मोदी की लहर चली, लेकिन ऐसे भी हजारों वोटर रहे जिन्हें कोई दल लुभा नहीं सका। जिले में ऐसे 10 हजार 726 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाकर प्रत्याशियों या कहे दलों से नाखुशी का इजहार कर दिया। कई ऐसी विधानसभा भी रही जहां नोटा का वोट क्षेत्रीय पार्टी प्रत्याशी के वोट के बराबर रहा। इतनी पड़ी संख्या में नोटा का बटन दबाना यह संदेश दे रहा है कि सिर्फ वायदों के लॉलीपाप से वोटरों को लुभाया नहीं जा सकता, वायदें पूरे भी करने पड़ेंगे नहीं तो नोटा की संख्या बढ़ भी सकती है।
विधानसभा कुल वोट नोट
शाहजहांपुर 206025 1151
पुवायां 229205 2065
ददरौल 216563 2383
जलालाबाद 208332 1614
कटरा 192992 1830
तिलहर 204249 1683
कुल वोट 1257366 10726