... तो गोमती भी घुट-घुटकर तोड़ रही दम!
भैंसी नदी कई महीने पहले सूख चुकी है। यहां से होकर बहने वाली गोमती नदी का भी बुरा हाल है। सूखे के कारण गोमती नदी की जलधारा धीरे-धीरे बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी है। गोमती के बेहाल होने से क्षेत्र के लोगों को आने वाले समय में जल संकट का संकेत दिखाई पड़ने लगा है। बता दें कि गोमती नदी की यात्रा पीलीभीत जनपद के माधोटांडा कस्बे के पास (गोमत ताल) फुलहर झील से शुरू होती है। उद्गम स्थल से शाहजहांपुर होते हुए 960 किलोमीटर का सफर तय करके वाराणसी में गोमती और गंगा संगम है। गोमती को सदानीरा बनाने में पीलीभीत में वर्षाती नाला, शाहजहांपुर में झुकना, भैंसी, तरेउना आदि नदियों का खासा योगदान रहता है। मौजूदा समय में उद्गम स्थल से गोमती की धारा बंद हो चुकी है। कई किलोमीटर तक गोमती का पता नहीं लगाया जा सकता है। इसके बाद मिलने वाले पानी के स्रोतों से गोमती में फिर से जान पहुंची है। बारिश न होने के कारण पुवायां क्षेत्र में भी गोमती की धार बंद होने की कगार पर है। खास बात यह है गोमती की जलधारा बढ़ाने में मदद करने वाली क्षेत्र की भैंसी नदी भी कुछ माह पूर्व सूख चुकी है।