रामगंगा का जलस्तर बुधवार रात से घटने लगा है। घटते जलस्तर से हो रहे भू कटाव से प्राथमिक स्कूल पहरूआ और टेढा के भवन नदी में लटक गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर शिक्षकों ने नदी में कट रहे स्कूूूलों के दरवाजे-खिड़कियां निकलवा लिए गए हैं।
रामगंगा के तटवर्ती ग्राम हरिहरपुर में बाढ़ से भारी नुकसान हो रहा है। इस वर्ष की बाढ़ में अब तक लाखों रुपये की लागत से बना प्राथमिक स्कूल टेढा तथा एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के कच्चे-पक्के घरों के साथ ही तमाम कृषि योग्य भूमि नदी मे समा चुकी है।
गांव के श्रीपाल, लोकनाथ, रामदुलारे, भोजराज, देवकीनंदन, चेतराम आदि का कहना है कि लाखों की भू संपत्ति और सरकारी स्कूल बाढ़ की भेंट चढ़ जाने के बाद भी किसी भी जनप्रतिनिधि या सरकारी मुलाजिम ने गांव में आकर विनाश लीला को देखने तक की जरूरत नहीं समझी है।
रामगंगा की बाढ़ से कट रहे प्राथमिक स्कूल टेढ़ा और पहरूआ के स्कूलों में से खिड़की-दरवाजे निकालने और बच्चों को निकटवर्ती स्कूलों में शिफ्ट करने के निर्देश शिक्षकों को दे दिये गये हैं।
- इंद्रप्रताप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी मिर्जापुर