एक देश-एक कर की अवधारणा पर आधारित गुड्स सर्विस टैक्स (डीएसटी) की विशेषताएं बताने के लिए वाणिज्य कर विभाग की ओर से रविवार को उद्यमियों और व्यापारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर एडिशनल कमिश्नर वीर सिंह ने जीएसटी में निहित प्रावधानाें से अवगत कराते हुए कहा कि नई कर प्रणाली से भविष्य में सारी आशंकाएं मिट जाएंगी और पहले की तुुलना में व्यावसायिक कार्य करना और आसान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि जीएसटी से पहले विभिन्न व्यवसायों पर कई प्रकार के अप्रत्यक्ष कर लगाए जा रहे थे। इसके लिए व्यापारियों को एक ही कार्य के लिए अलग-अलग रिटर्न और टैक्स जमा करना होता था। कर की दरों में भी कई विसंगतियां थीं। इससे व्यापारियों को स्वच्छ प्रतिस्पर्धा का अवसर नहीं मिलता था। जीएसटी लागू होने से यह सारी कठिनाइयां अब अतीत का हिस्सा बन गई हैं।
अतिरिक्त आयुक्त ने कहा कि जीएसटी के प्रावधानों को लेकर जितनी समझ विकसित होगी, नई व्यवस्था व्यवसाय के उतनी ही अनुकूल साबित होने लगेंगी। एडिशनल कमिश्नर केपी वर्मा ने कहा कि जीएसटी से व्यापारियों को मुख्य लाभ यह होगा कि अंतर प्रांतीय खरीद पर आईटीसी दिए जाने का प्रावधान है। ऑल इंडिया आईटीसी का लाभ मिलने से माल की लागत कम होगी। चीजें सस्ती होंगी तो उनकी बिक्री का ग्राफ भी बढ़ेगा और इससे व्यापारी, उपभोक्ता दोेनों लाभान्वित होंगे।
वाणिज्य कर अधिकरण के सेवानिवृत्त सदस्य एमके सिंह ने कहा कि जीएसटी में असेसमेंट सिर्फ पांच फीसदी व्यापारियोें का कंप्यूटर रेंडम आधार पर होगा और शेष 95 प्रतिशत व्यापारियों का रिटर्न उनकी घोषणा के अनुरूप मान्य कर दिया जाएगा। इस मौके पर वकीलों, चार्टर्ड एकाउंटेंट, गल्ला आढ़तियों, कोल्ड स्टोर संचालकों, दवा विक्रेताओं, रसोई गैस एजेेंसी संचालकों आदि ने पंजीयन, प्रवेश कर देयता, समाधान योजना आदि के बारे सवाल किए।
कार्यशाला में मौजूद जोनल एडिशनल कमिश्नर अशोक गुप्ता, राकेश सिंह, संयुक्त आयुक्त यूएस दुबे आदि ने सभी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यशाला का उद्घाटन डीएम नरेंद्र सिंह ने किया। अधिवक्ता अमरीश सक्सेना के संचालन में हुई कार्यशाला में उपायुक्त अमित मोहन, रमेश सिंह वैस, संजय मिश्रा, संतोष वर्मा, सहायक आयुक्त संजीव कुमार, विशाल सिंह, अजीत सिंह, नागेंद्र त्रिपाठी, अनंत राम, वाणिज्य कर अधिकारी दमयंती गंगवार, गया प्रसाद, राकेश कंचन, उद्यमी रामचंद्र सिंघल, अशोक अग्रवाल, व्यापारी मनोज खन्ना, सचिन बाथम, अधिवक्ता केसी खन्ना, मोहन मेहरोत्रा आदि उपस्थित रहे।