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15 तक बंद हो जाएंगे सरकारी गेहूं क्रय केंद्र

Thu, 04 Jun 2015 11:17 PM IST
शाहजहांपुर।
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अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से गेहूं की अधिकांश फसल खराब हो जाने से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। अपने जिले की बात करें तो यहां लक्ष्य के सापेक्ष 70 फीसदी गेहूं खरीदा जा सका है। अधिकांश जिलों में भी इसी स्थिति को देखते हुए शासन ने मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं खरीद की अवधि 15 दिन कम कर दी है। अर्थात अब 30 जून के बजाय 15 जून को ही सारे क्रय केंद्र बंद हो जाएंगे ।
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जिले में मूल्य समर्थन योजना के तहत गत एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुई थी। इसके लिए विभिन्न क्रय एजेंसियों के 155 केंद्र खोलकर उन्हें एजेंसी वार 1.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया। शुरुआती दस दिन क्रय केंद्र खोलने की औपचारिकताओं में बीत गए। नतीजा यह हुआ कि मंडियों में गेहूं आवक शुरू हो गई, लेकिन क्रय केंद्र सूने पड़े रहे। बाद में खरीद के रफ्तार पकड़ने की नौबत आई तो अप्रैल के दूसरे सप्ताह में फिर बारिश हो गई।
इस कारण अप्रैल का पूरा माह भीगे गेहूं को सुखाने में बीत गया। मई के शुरुआती दो सप्ताह तक किसानों के गेहूं में नमी ज्यादा बताकर टरकाया जाता रहा। परिणाम यह हुआ कि मंडियों में गल्ला आढ़तियों समर्थन मूल्य से कम कीमत पर नगद भुगतान करके वही गेहूं सेंटरों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। जो किसान सरकारी सेंटरों पर अपना गेहूं  लेकर गए भी, उन्हें भुगतान पाने के लिए अफसरों के चक्कर काटने पड़े। यही वजह रही कि जिले में लक्ष्य के सापेक्ष अब तक केवल 1.15 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका।
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एजेंसी वार गेहूं क्रय केंद्र: एक नजर
  खरीद एजेंसी             क्रय केंद्र
0 पीसीएफ                  88
0 यूपीएसएस                28
0 मार्केटिंग विभाग           13
0 यूपी एग्रो                  09
0 भारतीय खाद्य निगम       08
0 आवश्यक वस्तु निगम     06
0 कर्मचारी कल्याण निगम    03

एजेंसियों की लक्ष्य वार गेहूं खरीद की प्रगति
 क्रय एजेंसी          खरीद लक्ष्य    खरीदा गया गेहूं
0 पीसीएफ           83000         35536
0 मार्केटिंग विभाग    20000         39212
0 यूपी एग्रो          11000           7367
0 यूपीएसएस        14500           6625
0 एसएफसी         11500           2450
0 कर्मचारी कल्याण   4000           2277
  निगम
0 एफसीआई         10000         10200
0 सहकारी समितियां    6000         12077
नोट: गेहूं की मात्रा मीट्रिक टन में दर्शायी गई है।


मार्केटिंग और सहकारिता ने बाजी मारी    
गेहूं की सरकारी खरीद में विपरीत हालातों के बावजूद मार्केटिंग और सहकारिता विभाग ने बाजी मार ली। मार्केङ्क्षटग विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष 196 प्रतिशत और सहकारी समितियों ने 201 प्रतिशत गेहूं खरीदा। मूल्य समर्थन योजना में गत कई साल से पिछड़ रहे भारतीय खाद्य निगम ने भी लक्ष्य की तुलना में 102 प्रतिशत खरीद की।


पीसीएफ और यूपी एग्रो सेंटरों पर भुगतान अटका
शासन के निर्देश पर जहां अधिकांश क्रय एजेंसियां किसानों को खरीदे गए गेहूं का मूल्य तत्परता से चुकता कर रही हैं, वहीं पीसीएफ और यूपी एग्रो के सेंटरों पर गेहूं देने वाले किसान भुगतान पाने को भटक रहे हैं। प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कौशल देव के अनुसार किसानों का पीसीएफ पर 271 लाख और यूपी एग्रो पर 227 लाख रुपये गेहूं मूल्य बकाया है। डिप्टी आरएमओ के अनुसार दोनों एजेंसियों को अभी तक एफसीआई से अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया है, इसलिए किसानों को गेहूं मूल्य चुकता करने में देरी हो रही है।
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