शनिवार को ही घर लौटा था शोएब
शोएब करीब 15 साल पहले पंजाब के अमृतसर में जाकर रहने लगा था। वहां उसके पिता नफीस अहमद की मोबाइल की दुकान है। शोएब के दादा का इंतकाल होने के चलते शनिवार की सुबह अपने परिवार के साथ घर आया था। रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपनी पत्नी व बेटी के साथ रिश्तेदारी से घर लौट रहा था। मकान से चंद कदम की दूरी पर सामने से आए बाइक पर सवार हमलावरों ने उसे निशाना बना लिया।