एसएस लॉ कॉलेज में विधि दिवस विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गोष्ठी और कॉलेज की ओर से वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
’सोशल मीडिया युवाओं के व्यक्तित्व विकास में सहायक’ विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता के पक्ष में तरुश गुप्ता ने प्रथम, बिलाल हसन ने द्वितीय, संचिता गुप्ता ने तृतीय स्थान पाया। जबकि विपक्ष में अभिनव दीक्षित ने प्रथम, प्रसून त्रिवेदी ने द्वितीय और शिवांगी सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायक मंडल में डॉ. मीना शर्मा और बृजेश सावर्ण शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि भारतीय संविधान की भारतीयों की स्वीकृति है और लोगों ने संविधान को स्वयं के लिए अंगीकार किया है। जन सामान्य के इस भाव को वर्तमान परिदृश्य में धूमिल सा कर दिया है। इसकी पुनस्र्थापना का कार्य विधि दिवस पर हो रहा है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि भारतीय संविधान को प्रत्येक व्यक्ति अपने धार्मिक मतों से अधिक विश्वास प्रकट करे और उसे गीता-कुरआन के रूप में स्वीकार करे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन अवनीश गौतम, वरिष्ठ अधिवक्ता बांकेेेेेेेेे बिहारी मिश्र, सिविल जज सीनियर डिवीजन मोनिका ठाकुर, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय मिश्रा आदि ने भी विचार व्यक्त किए। प्राचार्य डॉ. संजय वरनवाल ने आभार व्यक्त किया। डॉ. हरिचरण यादव के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर ओझा, डॉ. अनिरुद्ध राम, डॉ. रघुवीर सिंह, डॉ. दीप्ति गंगवार, आशीष त्रिपाठी, नीरज पाठक, रंजना खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।