संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फूल व्यवसाय इस सहालग में खूब गुलजार रहा है। ठंड के मौसम में फूलों का अधिक उत्पादन और शादी-विवाह के अवसर व्यवसायियों के लिए अच्छा साबित हुआ है।
दूल्हे की गाड़ी सजाने से लेकर, मकान व मंडप सजावट, गजरा, जयमाला, स्टेज पर आते वक्त दुल्हन की चादर खूब बिकी है। इससे एक माह में जनपद में एक करोड़ से अधिक का व्यवसाय फूल व सजावट के जुड़े धंधे से लोगों ने किया है। इन्हें अब अगले साल गर्मी में पड़ने वाले सहालग में भी अच्छी आय की उम्मीद है।
शहर के जलकल रोड में स्थित फूल मंडी को अब महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज से मेडिकल कॉलेज रोड में तीन माह पूर्व विस्थापित कर दिया है। इससे पिछले 30 साल से जलकल रोड में व्यवसाय कर रहे फूल विक्रेता व सजावट से जुड़े दुकानदारों को झटका लगा।
हालांकि नई जगह पर भी धीरे-धीरे यह अपना नाम व पहचान बनाने में कामयाब हो रहे हैं, लेकिन उनका यह भी कहना है कि अभी इसमें समय लगेगा। फूल व्यवसाई जेपी सैनी ने बताया कि करीब 30 साल से अधिक समय से जलकल रोड में फूल मंडी थी, अब इसे हटाकर अन्य जगह कर दिया गया, इससे लोगों को यहां तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
हालांकि लग्न के चलते एवं मांग ने व्यवसाय को संभाल लिया। शहर के फूलमंडी में करीब 45 दुकानदार हैं। यहां पर फूल वाराणसी, लखनऊ व कोलकाता से व्यापारी मंगाते हैं। गेंदा वाराणसी, गुलाब लखनऊ व रजनीगंधा, ग्लैरियस, गुलदाउदी, चरबेरा कोलकाता से आता है। गेंदा हर दिन 2500 बोरा जिसमें एक बंडल में 10 पीस की माला होती हैं, यहां खप जाता है।
इसके अलावा जिले के अन्य नगर पंचायतों व कस्बाई इलाकों में भी कई व्यवसाई फूल सीेधे मंगाते हैं। मौसम में फूल का उत्पादन अधिक होने से अन्य सीजन की अपेक्षा इस बार फूलों का दाम कम रहा, ऐसे में व्यवसाय तो बढि़या रहा, कुछ व्यापारियों ने बताया कि हालांकि व्यवसाय के मुताबिक लाभ कम हुआ।
लग्न में लोगों ने कार सजवाने के अलावा, मकान, द्वार, दुल्हा-दुल्हन को बुके, जयमाला, मंडप सजाने आदि के लिए जमकर खरीदारी की। दुल्हन का गजरा जहां 300 से एक हजार में, जयमाला एक से लेकर 15 हजार तक, कार सजावट दो से लेकर 20 हजार तक रहा।
कुछ ग्राहकों के विशेष आर्डर पर व्यापारियों ने दुल्हन के लिए चादर भी पांच से लेकर 15 हजार रुपये तक में बनाया। फूलमंडी के व्यवसाईयों ने बताया कि अगले साल गर्मी के लग्न में और अच्छा कारोबार होगा, क्योंकि उस दौरान भी शादी-विवाह की तिथियां ज्यादा हैं। शहर के साकेतनगर निवासी शिक्षक संजय मिश्रा ने बताया कि लड़के की शादी थी, मकान सजाने से लेकर मंडप आदि में फूलों की सज्जा कराने व कार सजावट में 50 हजार रुपये से अधिक खर्च हो गया।