खुदागंज (शाहजहांपुर)। मजरा खेड़ा मझखेड़ा में शनिवार सुबह बिजली के खंभे के सपोर्टिंग तार में करंट आने से राधिका (8) की मौत हो गई। वह सामान लेने दुकान पर जा रही थी। राधिका के पिता अजयवीर सिंह पैर के ऑपरेशन के बाद से चलने फिरने में असमर्थ हैं।
अजयवीर ने कहा कि करंट की चपेट में आने से राधिका गंभीर रूप से झुलस गई। उसे सीएचसी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच के बाद दोषी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीओ विदुष सक्सेना ने बताया कि बालिका की करंट से मौत की सूचना मिलने पर पुलिस को मौके पर भेजकर शव को कब्जे में ले लिया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। संवाद
चंदे से चल रहा पिता का इलाज, टूटा दुखों का पहाड़
खुदागंज। खेड़ा मझखेड़ा गांव में बिजली के खंभे में आए करंट से अजयवीर सिंह की मासूम बेटी राधिका की जान चली गई, लेकिन विद्युत निगम के क्षेत्रीय उपखंड अभियंता बारिश में भीगे कंक्रीट के खंभे में करंट आने की बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं। तीन वर्ष से अपना इलाज करा रहे अजयवीर का परिवार बेहद तंगहाली का सामना कर रहा है और गांव के लोग परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति पर तरस खाकर चंदा करके अजयवीर का इलाज करा रहे हैं। बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बालिका का परिवार आर्थिक रूप से विपन्न होने के कारण बालिका के पिता इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने की भी सामर्थ्य नहीं रखते। अजयवीर ने बताया कि वर्ष 2024 की शुरुआत में एक ट्रैक्टर ट्राॅली उनकी बाइक से टकरा जाने से उनका पैर टूट गया था। तब से उनके पैर के नौ आपरेशन हो चुके हैं।
आजीविका के लिए सिर्फ एक बीघा जमीन है। बालिका की मौत से पिता समेत उसकी मां बिशुना देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। माता-पिता को रोते देख राधिका का एक वर्षीय अबोध भाई भी आंसू बहा रहा है।
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता गोपाल कृ़ष्ण अग्रवाल ने हादसे की विभागीय जांच कराने की बात कही है, लेकिन विद्युत निगम के एसडीओ धर्मेंद्र सिंह कंक्रीट के खंभे में करंट उतरने से साफ इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंक्रीट के खंभे में करंट नहीं आता है। एसडीओ का दावा है कि उन्हाेंने गांव में कर्मचारियों की टीम भेजकर खंभे की जांच कराई।
कर्मचारियों ने खंभे के पास खड़े होकर अपना फोटो भी उन्हें भेजा है। एसडीओ के अनुसार करंट की पुष्टि के लिए खंभे के पास कर्मचारियों से पानी डलवाकर भी देखा गया, लेकिन किसी कर्मचारी को करंट महसूस नहीं हुआ। एसडीओ का कहना है कि बालिका की मौत किसी अन्य स्रोत से करंट लगने से हुई होगी।
-
हाल में हुए हादसे
20 अगस्त : मीरानपुर कटरा के मोहल्ला बंगशान स्थित रामनगर कॉलोनी में सीमेंटेड बिजली खंभे के सपोर्ट में लगे तार में उतरे करंट की चपेट में आने से आठ वर्षीय असद की मौत हो गई।
- 14 जून : मिर्जापुर के गांव नई बस्ती भौती में संगीता की बिजली खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी।
- 23 जून : कांट के मोहल्ला मरहैया रहमतपुर निवासी फुरकान के पांच वर्षीय बेटे अमान की खंभे के सपोर्ट तार में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी।
- 22 मार्च : बंडा के गांव रामदेवरी निवासी ब्रजेश खेत में लगे तार में करंट उतरने से झुलस गए थे। बरेली ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी।