क्षेत्र के गांव मनोरथपुर सहसोबारी में रहस्यमय बुखार ने एक और बच्ची की जान ले ली। अब मरने वाले बच्चों की संख्या आठ हो गई है। बुधवार को सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी से और मलेरिया विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने डोर-टू-डोर लोगों से संपर्क कर बीमारी की जानकारी ली। वहीं मलेरिया विभाग ने 120 लोगों की स्लाइड बनाई है। इनमें से दस मरीजों के रक्त का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा है। सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद बुखार की स्थिति साफ हो सकेगी। मालूम हो कि गांव मनोरथपुर सहसोबारी में रहस्यमय बुखार से सात दिन में सात बच्चों की मौत के बाद मंगलवार की रात एक छह वर्षीय बालिका ने बीमारी की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। गांव के कन्हई ने बताया कि उसकी छह वर्षीय बेटी कन्यावती गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा एक में पढ़ती थी। सोमवार रात उसकी गर्दन में सूजन के साथ तेज बुखार आ गया। उन लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जहां इलाज के बाद बुखार तो उतर गया, लेकिन गर्दन में लगातार बढ़ती जा ही सूजन को देखते हुए डॉक्टर ने उसे लखनऊ ले जाने की सलाह दी। आर्थिक तंगी के कारण वह बेटी को लेकर लखनऊ न जाकर घर आ गया। रात करीब दस बजे बेटी की मौत हो गई। मृतका अपनी दो बहनों में बड़ी थी। बताते चले कि इस गांव में एक सप्ताह के अंदर इस बीमारी की चपेट में आकर आठ बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें हरिपाल का 7 वर्षीय बेटा नववर्ष, लालमनि की 4 साल की बेटी संध्या, फूल सिंह की 3 वर्षीय बेटी सुभाषना, राकेश की 8 साल की बेटी अनीता, राजेश का मात्र 14 दिन का लड़का बबलू, लालू की दो साल की बेटी दिव्यांशी तथा पंडे की नौ साल की बेटी पूनम के अलावा बीती रात मरी कन्यावती शामिल है। बुधवार को गांव में फैली बीमारी से हुई मौतों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमओ डॉ. आरपी रावत के निर्देश पर सीएचसी प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र और मलेरिया विभाग की टीम गांव पहुंची और गांव में दवा आदि का छिड़काव कराने के बाद स्कूल में कैंप लगाकर मरीजों को दवा वितरित की। टीम ने 120 लोगों का रक्त लेकर स्लाइड बनाई। वहीं बुखार के लक्षण को देख दस मरीजों के रक्त का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा है। दोपहर बाद सीएमओ, डिप्टी सीएमओ लक्ष्मण सिंह, एसडीएम सत्यप्रिय सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला मुख्यालय से गांव पहुंची। सीएमओ ने बताया कि मरीजों को दवा वितरित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसी आधार पर दवा दी जाएगी।