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बंडा में बजट ठिकाने लगाने में फंसे बीडीओ

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शाहजहांपुर। विकास कार्यों के लिए स्वीकृत बजट से काम कराने के बाद निविदा प्रकाशन के मामलों को मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच कराने का निर्णय किया है। सीडीओ ने पुवायां तहसील के विकास खंड बंडा के खंड विकास अधिकारी एसके पांडेय को तलब कर पूछताछ की और उन्हें बजट राशि के दुरुपयोग मेें प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए प्रभारी जिला विकास अधिकारी/जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक धर्मेंद्र प्रताप सिंह को जांच करने के आदेश दिए हैं।
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बंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनिगवां में पंजीकृत ठेकेदारों से टेंडर लिए बगैर इंटरलॉकिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, वहां के ग्राम प्रधान सुरेश चंद्र का कहना है कि रोड बनाने की निविदा सूचना का प्रकाशन एक समाचार पत्र में गत वर्ष जून मेें कराया जा चुका है, लेकिन इसका उनके पास कोई प्रमाण नहीं है और यह सवाल भी अनुत्तरित है कि निविदा प्रकाशन के नौ माह बाद काम क्यों शुरू कराया गया। यही नहीं, बंडा ब्लॉक सभागार और थाना परिसर में टाइल्स लगवाने के बाद इसी काम के टेंडर बाद में मांगे गए। बजट को ठिकाने लगाने के लिए निविदा सूचना प्रकाशन में इसी तरह के खेल सदर तहसील के विकास खंड ददरौल एवं भावलखेड़ा, विकास खंड पुवायां और सिंधौली में भी किए गए।
इस बारे में अमर उजाला में 15 मार्च को विस्तृत समाचार प्रकाशित हुआ था। मुख्य विकास अधिकारी तंवर ने इन मामलों की जांच की शुरुआत बंडा ब्लॉक से की है। उन्होंने बंडा के बीडीओ को बीते दिन मुख्यालय पर तलब कर उनसे टेंडर खुलने के अंतिम दिन निविदा सूचना के प्रकाशन को लेकर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार खंड विकास अधिकारी से संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर सीडीओ ने प्रभारी डीडीओ को बंडा ब्लॉक से जुड़े ऐसे सभी मामलों की गहनता से जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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बंडा के खंड विकास अधिकारी को बुलाकर इस बारे में पूछताछ की गई है। बीडीओ ने अपनी सफाई देते हुए कहा है कि एक अधिकारी के कहने पर थाना परिसर में टाइल्स पहले लगवा दिए गए थे, लेकिन बाकी सभी निर्माण कार्य उनसे संबंधित निविदाएं स्वीकृत होने के आधार पर नियमानुसार कराए जा रहे है। इस मामले में बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही प्रभारी डीडीओ/डीआरडीए के परियोजना निदेशक को जांच करने के लिखित आदेश दिए गए हैं।
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- महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी
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