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Shahjahanpur News: गर्रा का जलस्तर बढ़ा, डीएम ने संवेदनशील क्षेत्रों का लिया जायजा

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शहर में बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करते डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह। स्रोत: सूचना विभाग
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शाहजहांपुर। गर्रा नदी में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर बुधवार को डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों के साथ संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मोहल्ला सुभाषनगर के निकट गर्रा नदी पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्माणाधीन पुल पर पहुंचकर बढ़ते जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद मौजमपुर पंप कैनाल के पास डैम रोड का निरीक्षण किया।
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डीएम ने एडीएम एफआर अरविंद कुमार को निर्देश दिए कि डैम रोड के नालों को लोक निर्माण विभाग से अपनी देखरेख में अवश्य बंद करा दें। उन्होंने अजीजगंज तटबंध के निकट कांशीराम कॉलोनी के नाले पर लगे गेट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने एडीएम को दो से तीन दिन में शरणालयों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता शारदा नहर खंड सुनील भास्कर ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में विगत दो दिनों से भारी वर्षा के कारण गर्रा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ा हुआ जलस्तर का प्रभाव जनपद जनपद में चार सितंबर को पहुंचने की संभावना है। जिससे गर्रा नदी का जलस्तर 148.00 मीटरगेज तक पहुंच सकता है।
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रामगंगा नदी का भी बढ़ने लगा जलस्तर
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से रामगंगा नदी डबरी घाट पर में तीन से चार दिन में लगभग 60 सेमी बढ़ने की संभावना है। इसमें मुख्य रूप से तहसील परशुरामपुरी और कलान क्षेत्र प्रभावित होता है। डबरी घाट पर रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।

लोगों से अपील है कि वे डूब क्षेत्र और गर्रा नदी के किनारे नहीं जाएं। ऊंचाई वाले स्थानों पर ही रहें। पशुओं को नदी के आसपास नहीं जाने दें। प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

बाढ़ प्रभावित मोहनपुर गांव को उपलब्ध कराई नाव
परौर। रामगंगा के किनारे बसे बाढ़ प्रभावित मोहनपुर गांव के बाशिंदों को नदी पार के खेतों तक आने-जाने के लिए प्रशासन ने मंगलवार को एक नाव उपलब्ध करा दी।
मोहनपुर रामगंगा नदी के किनारे बसा है। वहां के तमाम लोगों के खेत नदी के दूसरी तरफ हैं। इससे पहले, ग्रामीण खेतों तक आने-जाने के लिए चंदा करके एक नाव बनवा चुके हैं, लेकिन वह पिछले वर्ष टूट गई थी। अब रामगंगा में जलस्तर बढ़ा होने से किसान नदी पार जाकर फसलों की देखभाल नहीं कर पा रहे थे। गांव के ब्रज लाल, फूल चंद, राजीव सिंह चौहान, मदन पाल, लाल सिंह, मुन्नालाल आदि ने कहा कि अब उन्हें रामगंगा पार खेतों तक जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि आवश्यकतानुसार ग्रामीणों को नाव उपलब्ध कराई जा रही है। संवाद
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