शाहजहांपुर में एक ओर जहां जिले में बुखार और संक्रामक बीमारियों से सिलसिलेवार मौतें हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसके लिए गंदगी को जिम्मेदार बता रहे हैं। दृूसरी ओर संयुक्त जिला अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा है। जगह-जगह जल भराव, पान-गुटखा की पीक, गंदगी के ढेर अस्पताल प्रशासन का मुंह चिढ़ा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती सैकड़ों मरीजों के लिए यह गंदगी बीमारी की वजह बन सकती है। परिसर की दीवारों पर यह तो लिखा है कि अस्पताल में धुम्रपान करने वालों पर जुर्माना लगेगा, लेकिन इसका असर नहीं।
संक्रामक रोगों के सीजन को लेकर शासन ने सभी जिलों को पहले से एलर्ट कर रखा है। खुद मुख्यमंत्री सरकारी विभागों में साफ-सफाई को लेकर गंभीर हैं। कई बार इस बारे में सख्त रुख भी अपना चुके हैं। इतना ही नहीं सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा और सिगरेट के इस्तेमाल पर भी मुख्यमंत्री ने रोक लगा दी है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन के अफसरों की नजर अस्पताल परिसर में फैली गंदगी पर नहीं जाती। यहां ओपीडी से लेकर ट्रामा सेंटर तक दीवारों पर पान-गुटखा की पीक के निशान हैं। अस्पताल के कर्मचारियों को भी पान-गुटका खाने के साथ सिगरेट की कश लगाते हुए देखा जा सकता है। हड्डी वार्ड पुरुष के बाहर रखे आरओ सिस्टम के पास भी साफ-सफाई नहीं है। जबकि इसके सामने ही प्रसूता वार्ड है। इसमें प्रसूताओं को नवजात के साथ रखा जाता है। मुख्य इमरजेंसी के मुख्य गेट के सामने बने शौचालयों की दुर्दशा भी किसी से छिपी नहीं है। यहां गंदा पानी भी भरा हुआ है। दुर्गंध की वजह से लोग आस-पास भी जाना पसंद नहीं करते।