शाहजहांपुर। गणेश चतुर्थी पर शनिवार को घरों और पंडालों में गणपति बप्पा विराजे। इसके साथ ही दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई। ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ शोभायात्राएं निकलीं, जिनमें शामिल श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरिया और मंगलमूर्ति मोरिया के जयघोष लगाए।
चार खंभा स्थित गणेश पैलेस शर्मा जी के डेरे में मठिया के महाराजा भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित किया गया। राजीव मिश्रा सरल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापना कराई। भगवान का पूजन-अर्चन प्रारंभ हो गया। गणपति के विराजमान होते ही जयकारों से पंडाल गूंज उठा। इससे पहले भगवान गणेश के स्वागत की शोभायात्रा निकाली गई, जोकि बक्सरिया में रामजी रस्तोगी के आवास से छोटा चौक, सीता की मठिया होते हुए शर्माजी डेरे पर पहुंची। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत हुआ। शोभायात्रा व स्थापना कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूजा समिति के प्रवक्ता सुचित सेठ, अंकुर कटिहार, सुधीर गुप्ता, शिव शंकर सिंह, मनोज सिंह, अरुण कुमार, विमल, अमित, सुनील, महेंद्र, शानू, शैलेंद्र, यश आदि शामिल रहे।
खिरनीबाग रामचरन लाल धर्मशाला में महाराष्ट्र मराठा मंडल सदर बाजार की ओर से शाहजहांपुर के महाराजा की स्थापना करा दी गई। भगवान गणेश की मूर्ति को शोभायात्रा के रूप में विभिन्न मार्गों से घुमाकर धर्मशाला लाया गया। यहां आचार्य हरिकेश शुक्ला द्वारा पूजन, आरती, प्रसाद वितरण करके कार्यक्रम शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा व आरती में सुदामा शिंदे, अर्जुन सूर्यवशी, अनिल कदम, हर्षित गुप्ता नंदा सूर्यवशी, वंदना कंदम, योगेश, आशीष गुप्ता, पिंटू, अक्षय कदम, वीना गुप्ता, सोनम वर्मा, नवनीत शर्मा आदि शामिल रहे।
उधर, उदासीन बाबा की मठिया हुसैनपुरा, सीता की मठिया, क्षत्रिय धर्मशाला चौक, उदासीन अखाड़ा घूरन तलैया, बेरी चौकी के पास मोहल्ला बाबूजई तथा थाना रामचंद्र मिशन के रौसर कोठी में गणपति की बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की गईं।