जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर भरे पानी से गुजरते लोग। संवाद
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। गंगा का जलस्तर घटने से मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन ग्रामीणों की दुश्वारियां अभी बरकरार हैं। कई गांवों में घरों और रास्तों पर पानी भरा होने से लोगों को आवागमन से लेकर रोजमर्रा के कामों तक में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्टेट हाईवे पर भी पानी का बहाव बना हुआ है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने पैलानी उत्तर गांव पहुंचकर वहां के हालात देखे।
गंगा का जलस्तर कम होने से जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर बाढ़ के पानी का बहाव घटा है। इससे आवागमन धीरे-धीरे सुचारु होने लगा है। शुक्रवार को पूर्णिमा के पर्व पर बाढ़ के बावजूद हजारों श्रद्धालु गंगास्नान के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई।
पैलानी उत्तर, आजादनगर, इस्लामनगर, गुटेटी और शरीफपुर समेत कई गांवों में अब भी बाढ़ का पानी भरा है। पैलानी निवासी फूल सिंह ने बताया कि घर में पानी भरा होने के कारण साफ-सफाई नहीं हो सकी है। मुख्य मार्ग पर भी पानी बह रहा है।
पैलानी से इस्लामनगर जाने वाले मार्ग पर दो स्थानों पर पानी भरा होने से आवागमन बाधित है। नगला बसोला मार्ग पर भी पानी बह रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने से राहत जरूर मिली है, लेकिन घरों और संपर्क मार्गों से पानी पूरी तरह निकलने तक परेशानी बनी रहेगी।
कुछ गांवों में पानी भरा हुआ है। फसल भी डूब गई है। गांवों में मोबाइल शौचालय लगवाने के लिए नगर पंचायत को निर्देशित किया गया है। साथ ही फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए राजस्व टीम को सर्वे के लिए कहा गया है।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर भरे पानी से गुजरते लोग। संवाद