एडीएम ने क्षेत्र का भ्रमण कर जानी बाढ़ की स्थिति, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
मिर्जापुर। पहाड़ों पर हुई भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण गंगा के बढ़े जलस्तर से तटवर्ती क्षेत्र के कई गांवों में पैदा हुई बाढ़ की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार होने लगा है। गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद गांवों की गलियों, मुख्य मार्गों और खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बरकरार हैं। फसलें जलमग्न होने से किसानों को नुकसान की चिंता है, वहीं मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करना भी चुनौती बना हुआ है।
खादर क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से कई गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। गंगा का पानी गांवों को चारों ओर से घेरे हुए है। पैलानी उत्तर गांव में स्थिति अधिक खराब है। यहां मुख्य मार्ग, गलियों और कुछ घरों तक में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूब गई हैं।
हालांकि, गंगा का जलस्तर घटने के साथ स्टेट हाईवे और संपर्क मार्गों पर बह रहे पानी की गहराई और दायरा भी कम हुआ है। इससे लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन मार्गों पर पानी पूरी तरह नहीं उतरा है।
बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने एसडीएम कलान आशुतोष कुमार और तहसीलदार सृजित कुमार के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गांवों में जलभराव, आवागमन और ग्रामीणों को हो रही परेशानियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। एडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और बाढ़ प्रभावित किसी भी व्यक्ति को परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। संवाद
जलस्तर में आ रही कमी
एसडीएम आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर में अब लगातार कमी आ रही है। प्रशासनिक कर्मचारियों को सतर्क रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ के बारे में जानकारी लेने पहुंचे एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार।