शाहजहांपुर। गंगा और रामगंगा की बाढ़ अब रौद्र रूप लेने लगी है। बाढ़ से तटवर्ती गांवों में सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं और जलालाबाद-एटा हाईवे सहित कई मार्गों पर दो से तीन फिट पानी आने से आवागमन बंद होने की नौबत है। इधर, शहर के आसपास गर्रा और खन्नौत नदियों में उफान रहने से आबादी क्षेत्रों में बाढ़ दस्तक देने लगी है।
भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर लगातार पांचवें दिन आठ सेमी और रामगंगा का जलस्तर 50 सेमी बढ़ा है। जलालाबाद और कलान तहसीलों के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार भैंसार बांध पर गंगा हाई फ्लड लेवल (उच्च बाढ़ स्तर) से एक मीटर नीचे बह रही है। नरौरा बैराज से पानी की निकासी 90,570 क्यूसेक हो गई है इसलिए गंगा का जलस्तर बढ़ना तय है।
शहर में गर्रा का जलस्तर 30 सेमी बढ़कर 147.95 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, गर्रा अभी खतरे के निशान से 1.80 मीटर नीचे है, लेकिन शहर में सुभाषनगर से लेकर ककरा और मोहल्ला बाला तिराही के घरों के आसपास दस्तक देने लगी। खन्नौत में उफान के कारण पुल से लेकर लोधीपुर और आगे हनुमत धाम तक कई मकान बाढ़ से घिर गए हैं। इधर, सुभाषनगर में गर्रा की बाढ़ का जायजा लेने के बाद एसडीएम सदर सतीश चंद्र ने बताया कि कुछ खेतों में बाढ़ का पानी आया है। एसडीएम के अनुसार सिंचाई विभाग से गर्रा का जलस्तर रात तक कम होने की सूचना दी गई है।
जलालाबाद। बहगुल के ज्यादा उफान पर आने से क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियों का पानी कई गांव के मुहाने पर दस्तक दे रहा है। एसडीएम बरखा सिंह, सीओ मस्सा सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। कोलाघाट पुल के पास रैपुरा, अल्हादादपुर बैहारी, कोला, बीघापुर, सिठौली आदि गांवों के सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए है। रामगंगा व बहगुल के जलस्तर में वृद्धि से दोनों नदियों के बीच बसे हवा मड़ैया, कुंडरा, पहाड़पुर, चितरऊ, अतरी निजामपुर, उइला, थाथरमई आदि गांवों में फसलों को भारी नुकसान होने के साथ बाढ़ की आशंका से ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई है। तहसीलदार ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
परौर। रामगंगा पूरे उफान पर आ जाने से कई गांवों में आवागमन नाव के सहारे हो रहा है। रामगंगा में ज्यादा पानी आया तो परौर के पुराने राजमहल समेत पड़ोस के कई गांवों के अंदर पानी पहुंच जाएगा। रामगंगा का जलस्तर बढ़ जाने से फिलहाल भूमि कटान थम गया है। सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता नेहा वर्मा ने जेई एसके मिश्रा और मोहित कुमार के साथ मिर्जापुर क्षेत्र के पहरुआ में रामगंगा की बाढ़ की जायजा लिया।
जैतीपुर। रामगंगा की बाढ़ से क्षेत्र में गांव लोहरगढ़ी जाने का रास्ता बंद हो गया है। बहगुल में भी उफान होने से दोनों नदियों का पानी क्षेत्र के रामनगर, केसी नगला, खूबपुर, अचिंतपुर, धुबला करीमनगर, घसा कल्याणपुर, रामपुर, अमरेडी, नगला देहात माली, अंतू गौटिया, जगतियापुर, सरसवां, मरेना, बस्ती नगला, डभौरा, रुदपुर, अजमाबाद, छेदा पट्टी, पहाड़पुर, सिमरा गौंटिया, शिवराजपुर, निजामपुर नगरिया आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
मरेना में फंसे लोहारगढ़ी जाने वाले मेहमान
जैतीपुर। गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव लोहारगढ़ी में गांव निवासी साधु के घर बृहस्पतिवार को बेटे की बरात जानी है। इसे लेकर मेहमानों का आना जाना शुरू हो गया है, लेकिन गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इस कारण मेहमान मरेना गांव में ही बैठे हैं। तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ के अनुसार बरात वाले घर में मेहमानों के लिए नाव की व्यवस्था कराई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी।