गर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ा
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, अन्य बैराजों व डैम से पानी की निकासी कम हो जाने से बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद के जलालाबाद व परौर तक रामगंगा सिमटने लगी है, लेकिन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में सोमवार को हुई बारिश के कारण गर्रा नदी में उफान आ गया। 24 घंटे में गर्रा का जलस्तर 1.10 मीटर बढ़ जाने से सदर तहसील के करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ से भूमि कटान, फसलें डूबने और वहां रहने वाले परिवारों के विस्थापन का खतरा बढ़ गया है।
रामगंगा का जलस्तर मंगलवार सुबह बरेली के चौबारी घाट पर पांच सेमी कम हो गया। हालांकि, पानी कम होने से परौर क्षेत्र में कई तटीय गांवों के आसपास भूमि कटान फिर तेज हो जाने की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।
गर्रा में पानी बढ़ता देख किसानों की बढ़ी चिंता
सेहरामऊ दक्षिणी इलाके में पिछले दिनों गर्रा नदी में आई बाढ़ से फसलों की तबाही झेल चुके किसानों में दोबारा नदी उफनाने से बेचैनी बढ़ गई। सोमवार की शाम से नदी में फिर पानी बढ़ता देखकर भूमि कटान से बचे किसान अपने खेतों की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं।
तहसील सदर क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गुर्रा, भमौली, खिरियाहीर, सरौरा, कुतुआपुर, मियांपुर गौंटिया, दिवैयापुर, चांदापुर, रौरा, बांगर, इटौरा, दुधौना, उटहा, देवकली, नागरपाल, परसनिया, भरगवां आदि गांवों के खेतों में लाखों की लागत से उगाई गईं और आवारा पशुओं से रात भर रखवाली करके बचाई गईं गन्ना, उर्द, तिल, धान आदि की सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। गांव उटहा और मियांपुर गौंटिया में फसलों सहित करीब ढाई सौ बीघा कृषि भूमि कटान होने पर नदी में समा जाने से पीड़ित किसानों के घरों पर सन्नाटा पसरा है।