पिछले दो-तीन दिन से पहाड़ और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के कारण प्रदेश और उत्तराखंड के बैराजों से विभिन्न नदियों में रिलीज होने वाले पानी की मात्रा भी बढ़ गई है। नरौरा बैराज से सोमवार सुबह 1.68 लाख क्यूसेक से अधिक पानी बहाए जाने से अगले 48 घंटे में जलालाबाद के ढाई घाट और कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर बढ़ने की आशंका है। अन्य बैराजों से पिछले 24 घंटे की तुलना में रामगंगा में पानी कम बहाया गया, लेकिन नदियों के जल ग्रहण क्षेत्रों के संचित पानी से रामगंगा समेत बहगुल, गर्रा, खन्नौत आदि नदियां असामान्य हो चली हैं।
जिले में गंगा जलालाबाद और कलान ब्लॉक से होकर गुजरती है। इसमें उत्तराखंड के नरौरा बैराज से अतिरिक्त बहाया गया पानी यहां तक पहुंचने में 48 से 72 घंटे तक का समय लेता है। चूंकि, नरौरा से रिलीज होने वाले पानी की मात्रा लगातार बढ़ रही है। इसलिए गंगा के तटीय क्षेत्र जलमग्न होने की आशंका बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सोमवार सुबह मिली सूचना के मुताबिक गंगा में एक लाख 68 हजार 204 क्यूसेक पानी रिलीज हुआ है, जबकि 24 घंटे पहले तक रिलीज होने वाले पानी की मात्रा 61771 क्यूसेक तक सीमित रही।
हालांकि, विभागीय अधिकारी इतने पानी में बाढ़ की आशंका खारिज करते हैं। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार ढाई लाख क्यूसेक अथवा इससे अधिक पानी छोड़े जाने पर ही गंगा में उफान आता है, क्योंकि नदी की चौड़ाई काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि हरेली, किच्छा, खो, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में 23543 क्यूसेक पानी निकल रहा है जो कि पिछले 24 घंटे की तुलना में चार हजार क्यूसेक कम है। चूंकि, रामगंगा में बारिश का पानी भी सिमट रहा है। इसलिए नदी उफनाई चल रही है।
तार बाबू मिश्रा के अनुसार भैंसार बांध पर गंगा 142.47 मीटर पर बहने की सूचना मिली है। नदी का यह लेवल डैंजर प्वॉइंट से अभी काफी नीचे है। उन्होंने बताया कि ड्यूनी डॉम से रिलीज हुआ 65145 क्यूसेक पानी यहां गर्रा में मंगलवार सुबह तक पहुंचेगा। फिलहाल गर्रा 146.50 मीटर और खन्नौत 144.00 मीटर पर बह रही है। अगले 24 घंटे में गर्रा का जल स्तर और बढ़ सकता है।