क्षेत्र से होकर बहने वाली गंगा-रामगंगा के जलस्तर में कमी आ रही है। घटते जलस्तर से नदी का बहाव काफी तेज हो गया है। ढाईघाट में निर्माणाधीन पुल से पानी की तेज लहरें टकराने से गंगा मइया की गर्जना बढ़ गई है।
गंगा के जलस्तर में कमी आने से गांव चौंरा में भरा बाढ़ का पानी निकलने लगा है। ढाईघाट मार्ग भी बाढ़ के पानी से खुल गया है। बुधवार तक गंगा की बाढ़ से घिरे आजादनगर में पहुंचने के लिए रास्ते खुल गए हैं। इससे गंगा के खादर के बाशिंदे राहत महसूस कर रहे हैं।
उधर, रामगंगा के घटने से कुनिया शाहनजीरपुर, हरिहरपुर, पहरूआ, मौजमपुर आदि गांवों में एक बार फिर भू-कटाव का खतरा टल गया है। नदी कुनियां शाहनजीरपुर और हरिहरपुर गांवाें के बीच कृषि भूमि का कटाव कर रही है। इससे कई किसान इस बाढ़ में भी जमीन कट जाने से भूमिहीन हो गए हैं।