जैतीपुर (शाहजहांपुर)। जिंदगी से जंग हारी बच्ची को नौ दिन बाद भी पहचान नहीं मिल सकी। सोमवार की सुबह जैतीपुर पुलिस ने बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया। बच्ची को गर्रा नदी के किनारे दफनाने के दौरान पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गईं।
14 सितंबर की सुबह करीब नौ बजे जैतीपुर थाना क्षेत्र के गौहावर गांव में बहगुल नदी किनारे मासूम मिट्टी में दबी मिली थी। वहां बकरी चरा रहे गांव के डबलू के जरिये घटना की जानकारी हुई थी। दरोगा इतेश तोमर बच्ची को जमीन से बाहर निकालकर लाए थे। इसके बाद से राजकीय मेडिकल कॉलेज के एनएनसीयू वार्ड में बच्ची का उपचार चल रहा था।
चींटियों के काटने, मिट्टी में दबा रहने की वजह से उसके शरीर में संक्रमण फैल गया था। बच्ची को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों की टीम ने बच्ची को बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन बचा नहीं सके। रविवार की दोपहर बच्ची ने आखिरी सांस ली।
इसके बाद बच्ची को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया। थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया कि सोमवार को बच्ची के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बच्ची के परिजनों की तलाश के लिए पुलिस ने अस्पतालों से संपर्क किया है। पुलिस की महिला टीम भी जुटी हुई है।
10 स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, नहीं लगा सुराग
बच्ची की पहचान पता करने के लिए जैतीपुर थाना पुलिस टीम ने नौ दिन में करीब दस स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस टीम ने बहगुल नदी के किनारे रोड पर लगे तीन कैमरे, तिराहा पर लगे एक कैमरे को भी देखा। इसके अलावा गौहावर व भुड़िया गांव में भी लगे कैमरे भी चेक किए हैं।