माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 137 केंद्राें पर शांतिपूर्वक शुरू हो गई। शासन और प्रशासन ने पहले दिन ही नकलविहीन परीक्षा कराने की अपनी मंशा जाहिर करते हुए काफी सख्ती दिखाई। शासन से नियुक्त विभागीय पर्यवेक्षक ने केंद्रों का निरीक्षण किया, वहीं सुपर जोनल मजिस्ट्रेट ने कंट्रोल रूप की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। इधर, प्रथम पाली में हाईस्कूल का एक परीक्षार्थी अनुचित साधन के साथ पकड़ा गया।
बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था परखने के लिए सुबह करीब साढ़े दस बजे सुपर जोनल मजिस्ट्रेट एडीएम (प्रशासन) जितेंद्र शर्मा ने डीआईओएस कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां स्थापित कंट्रोल रूम में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। सचल दलों के साथ सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की लोकेशन लेना भी उन्होंने जरूरी बताया।
इधर, शासन के निर्देश पर नियुक्त विभागीय पर्यवेक्षक डॉ. पवन सचान ने भी पहली और दूसरी पाली में कुछ केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। पर्यवेक्षक डॉ. सचान ने स्वर्गीय डम्मर लाल इंटर कॉलेज सतवां खुर्द, खमानी राम इंटर कॉलेज शाहबाजनगर, एजेड खान इंटर कॉलेज समेत कटरा और तिलहर के केंद्रों का निरीक्षण किया। डीआईओएस डॉ. केएल वर्मा समेत सभी पांचों सचल दलों ने अलग-अलग तहसीलों में जाकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। सुबह की पाली में सचल दल ने आरए शुक्ला इंटर कॉलेज जेबा, पुवायां में एक छात्र को नकल करते पकड़ लिया।
सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट की भी ली गई लोकेशन
शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार ऐसा हुआ है, जब सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पर भी सख्ती दिखाई गई है। अभी तक केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों पर ही नकेल कसी जाती रही है, लेकिन इस बार प्रशासन ने नकल रोकने का पूरा मन बना लिया है और उसी के तहत सभी अधिकारियों को लगातार परीक्षा पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में परीक्षा के एक दिन पूर्व यानी 15 मार्च को डीएम कर्ण सिंह चौहान ने सुपर जोेेेेेेेनल, जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मीटिंग कर दिशा निर्देश दिए थे।
बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े दस बजे के आसपास सुपर जोनल मजिस्ट्रेट/एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा ने डीआईओएस कार्यालय का निरीक्षण किया। इससे वहां हड़कंप मच गया। एडीएम शर्मा ने कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं परखीं और उसमें सुधार लाने के निर्देश के साथ सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि दोनों पालियों में स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की लोकेशन ली जाए और वह किस केंद्र पर गए, क्या अव्यवस्थाएं देखीं, अगर नहीं गए तो उसका कारण जानकर रजिस्टर में दर्ज किया जाए।