पुवायां। जमीन हड़पने की नीयत से रुपये लेकर राजीनामा करने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बंडा के गांव कमालपुर निवासी अचल भारती के अनुसार, पीलीभीत के थाना बरखेड़ा के गांव अमरिया निवासी गंगाराम अपनी पुत्री कुसुमा देवी की शादी उनके भाई रचित कुमार से करने के लिए वर्ष 2012 में उनके घर आए थे। उनके पिता ने रचित की उम्र कम होने के कारण मना कर दिया था। गंगाराम के दबाव डलवाने पर तिलक और गोद भराई की रस्म 30 अप्रैल, 2012 को संपन्न होने के बाद शादी नवंबर, 2015 में होना तय हुई थी।
शादी से पूर्व ही रचित की 14 अप्रैल, 2014 को मौत हो गई थी। रचित के नाम कृषि भूमि थी, जिस पर गंगाराम की नीयत खराब हो गई। गंगाराम, कुसुमा देवी और उनके परिवार के सतीशचंद्र, जगतपाल, मीरा देवी और सिंधौली के गांव सहोरा के रामकिशोर ने सांठगांठ कर शादी न होने के बाद भी कुसुमा को रचित की पत्नी बताते हुए कागजात तैयार कर एक मई, 2014 को विरासत दर्ज करा ली थी।
जानकारी होने पर उनके पिता ने 20 दिसंबर 2017 को कुसुमा देवी का नाम निरस्त करा दिया। इसके बाद जमीन मां प्रेमवती और पिता पुत्तूलाल के नाम दर्ज हो गई थी। आरोपियों ने फिर से तहसीलदार को प्रार्थनापत्र दे दिया। राजीनामा करने के नाम पर उनसे नौ लाख रुपये की मांग की गई।
पिता ने जमीन बचाने के उद्देश्य से दो लाख 30 हजार रुपये का चेक हरिश्चंद्र, एक लाख 90 हजार का चेक जगतपाल और एक लाख 90 हजार रुपये का चेक मीरा देवी के नाम, एक लाख का चेक गंगाराम के नाम देकर राजीनामा कर लिया। आरोपियों ने जमीन हड़पने का डर दिखाकर उनके पिता से भारी रकम की उगाही की है। कोर्ट के आदेश पर छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।