दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट का दोषी बताकर शाहजहांपुर के चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मानूजई निवासी आरिफ हसन खान से छह लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। साइबर ठगों ने खुद को एटीएस का अफसर बताकर धमकाया और रुपये मांगे। पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाने में विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
आरिफ हसन खां के पास नौ अप्रैल को पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे कॉल आई थी। व्हाट्सएप कॉल पर खुद को दिल्ली से एटीएस विभाग का बताया। कॉल करने वाले शख्स ने आरिफ को कुछ दिनों पहले दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट का दोषी बताया। उनकी बात को सुनकर वह घबरा गए। इस पर मामले को निपटाने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की गई। उसकी बात को सुनकर फोन पे के माध्यम से रुपये भेज दिए गए।
उसके बाद लगातार कॉल करते हुए साइबर ठगों ने रुपयों की मांग की। आरिफ ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह डर के कारण लगातार रुपये को भेजते रहे। नौ से 21 अप्रैल के मध्य साइबर ठगों ने 6 लाख 48 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। आरोपी चार नंबरों से कॉल कर रुपयों की मांग करते थे। एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस चला रही अभियान, फिर भी ठगों के फेर में फंस रहे लोग
साइबर ठगाें से बचाव के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उसके बावजूद लोग फंस रहे हैं। पुलिस अभियान चलाकर लोगाें को बता रही कि पुलिस व्हाट्सएप कॉल कर जांच नहीं करती। गणमान्य लोगों से लेकर आमजन तक बात पहुंचने के बाद भी लोग साइबर ठगों के फेर में फंस रहे हैं।
तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। छह लाख की ठगी की वारदात में वादी के लगभग तीन लाख रुपये होल्ड भी कराए गए हैं, जो जल्द ही वापस मिल जाएंगे।
-देवेंद्र कुमार, एसपी सिटी