बंडा। मौसमी बीमारियों और दूषित खान-पान से छुट्टा गोवंशीय पशुओं की लगातार जान जा रही है, लेकिन इस तरफ से पशु चिकित्सा विभाग लापरवाह बना हुआ है। सोमवार को विभिन्न गांवों में चार छुट्टा गाय मर गईं। गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मृत गायों का अंतिम संस्कार कराने के साथ अधिकारियों को पत्र भेजकर बीमार छुट्टा पशुओं का इलाज कराने की मांग की है।
क्षेत्र के गांव लालपुर आजादपुर, इंदलपुर, टाह और दलेलपुर में चार छुट्टा गायों की मौत हो गई। एक गाय खुटार मार्ग पर एक स्पेयर पार्ट्स की दुकान के सामने मौत से जूझ रही है, लेकिन सूचना देने पर भी पशु चिकित्सा विभाग के किसी कर्मचारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। गायों की मौत की सूचना पर गोरक्षा दल के प्रमुख स्रजल शुक्ला, शिवांशु मिश्रा, हिमांशु मिश्रा, शुभम सिंह, विवेक तिवारी आदि कार्यकर्ता गांवों में गए तो मृत गायों को कुत्ते-कौए नोचते मिले।
कार्यकर्ताओं ने मृत गायों को दफन कराने के साथ उच्च अधिकारियों को भेजे पत्र में छुट्टा पशुओं की दुर्दशा से अवगत कराया है। साथ ही ऐसे पशुओं की उचित देखभाल कराकर उन्हें बीमारियों से बचाने की कारगर व्यवस्था कराने की मांग की है।
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किसी भी पशु की बीमारी से मौत नहीं हुई है। हो सकता है कि बारिश के दौरान इन पशुओं ने कोई जहरीली घास खा ली हो, जिससे उनकी मौत हो गई हो। खुटार रोड पर छुट्टा पशु देखने मैं स्वयं मौके पर गया और उसका इलाज भी किया।
-डॉ.कमलेश वर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी, बंडा