अल्हागंज। रामगंगा के वजीरपुर घाट पर पैंटून पुल बनवाने की मांग को लेकर दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे लोगों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। चार अनशनकारी जलसमाधि लेने के इरादे से दोपहर में रामगंगा नदी में कूद गए। आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर बचा लिया।
घाट पर पैंटून पुल बनवाने की मांग को लेकर इंडी गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने शुरू में पांच दिन धरना दिया, लेकिन मांग पर प्रशासन स्तर से कोई तवज्जो नहीं मिलने पर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस बीच जलालाबाद के एसडीएम उत्सव आनंद, तहसीलदार पैगाम हैदर समेत थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने धरनास्थल पर पहुंचकर गठबंधन के कार्यकर्ताओं से वार्ता की।
अधिकारियों से ठोस एवं लिखित आश्वासन नहीं मिलने से वार्ता विफल रही। इसके बाद से किसी अधिकारी ने माैके पर आकर आंदोलनकारियों का हाल लेने की जरूरत भी नहीं समझी। प्रशासन की उपेक्षा से क्षुब्ध होकर भूख हड़ताल कर रहे मंशाराम, अमित यादव, रामप्रताप और सोनू यादव ने जल समाधि लेने के लिए रामगंगा में छलांग लगा दी।
चारों कार्यकर्ताओं को मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने नदी से निकाला। उन्हें जमीन पर उल्टा लिटाकर उनके पेट में गया पानी निकाला। बाद में चारों कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सीएचसी भेजा गया। इस मौके पर सपा नेता रामवीर सिंह सोमवंशी ने कहा कि पैंटून पुल की मांग आसपास क्षेत्र के करीब 50 गांवों के लोगों की जरूरत है, लेकिन उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि कार्यकर्ता अपना संघर्ष अंतिम सांस तक जारी रखेंगे। इस दौरान कांग्रेस नेता डॉ. मोहित शर्मा, हरिभान सिंह, बाबू राम, सोनू, रामवती, बाबू सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, घाट के दूरे तट पर भाकियू के दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल भी जारी रही। इस दौरान हुई पंचायत में किसान नेता नरेंद्र सिंह ने इस बात पर संतोष जताया कि वजीरपुर गांव में सरकारी जमीन की पैमाइश का काम शुरू कराकर तहसीलदार पैगाम हैदर ने एक मांग पूरी कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैंटून पुल सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन चलता रहेगा। इस मौके पर अखंड प्रदेश गुट के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, गुड्डू अंसारी, रविराम सिंह, शिवेंद्र सिंह, गुल्लू आदि मौजूद रहे।
अल्हागंज में बजीरपुर घाट पर पैंटून पुल बनवाने की मांग को लेकर नदी में कूदे अनशनकारियों को बाहर