शादी कराने का लालच देकर जुटाई गई थी भीड़
रोजा की कैलाशनगर कॉलोनी के मकान में चंगाई सभा के लिए रुपयों व शादी कराने का लालच देकर भीड़ जुटाई गई थी। विहिप नेताओं की पूछताछ में कई लोगों ने ऐसी बात बताई है। धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस फंडिंग व नेटवर्क का पता लगाएगी। पुलिस आरोपियों के नंबरों की कॉल डिटेल्स निकलवा रही है, ताकि नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
रविवार की दोपहर विहिप के विभाग मंत्री अशनील सिंह ने आरोप लगाया कि कैलाशनगर के मकान में शादी कराने व धन का प्रलोभन देते हुए ब्रेन बाश कर धर्मांतरण कराया जा रहा है। विभाग मंत्री ने धर्मेंद्र सिंह, रमेश, लखन वर्मा, सोनू सिंह, विशाल गुप्ता, कपिल वर्मा, अभिजीत वर्मा, आशीष वर्मा, हर्षित सहित कई कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच जमकर हंगामा किया। इससे सभा में भगदड़ मच गई।
ऐंजल, विवेक, विपिन, मोनू को मौके से पकड़ लिया गया। जबकि मकान मालकिन रामादेवी मौके से भाग गई। सभी आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की गई। इसके बाद विहिप नेताओं ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि पकड़े गए चारों लोगों को न्यायालय में पेश किया गया है। वहां से सभी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी रमादेवी की तलाश की जा रही है। मामले की बारीकी से जांच की जाएगी।
पुराने संपर्कों को तलाश रही पुलिस
धर्मांतरण की सूचना के बाद पहुंची पुलिस अब पुराने संपर्कों को तलाश रही है, इससे पता लगाएगी कि आरोपियों को कहां से फंडिग हो रही थी। जिससे इस घटना से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जा सके।
पहले भी हो चुके धर्मांतरण के मामले
तीन माह पूर्व आरसी मिशन थाने की पुलिस ने धर्मांतरण कराने के आरोप में नई बस्ती रेती में एक दंपती को गिरफ्तार किया था। वह अपने मकान में चंगाई सभा के नाम पर धर्मांतरण करा रहे थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर हिंदूवादी संगठनों ने छापा मारा था। कई लोग ईसाई धर्म की प्रार्थना करते मिले थे। बाइबिल समेत ईसाई धर्म से जुड़ी सामग्री भी बरामद की गई थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दंपती को जेल भेज दिया था। वहीं, 26 जुलाई को धर्मांतरण के आरोप में सिंधौली थाना पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को पकड़ा था। जांच के दौरान पता चला था कि उन्हें बाहर से फंडिंग की जा रही थी।