- बृहस्पतिवार को भी मिले थे छह मरीज, बावजूद इसके लोग बरत रहे हैं लापरवाही
- जिले में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या हुई नौ, संक्रमितों में एक मरीज हरदोई का
- कोरोना की जांच के दावे हवाई, रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर नजर नहीं आईं टीमें
- राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है। शुक्रवार को कोरोना के चार पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इसमें एक जिला कारागार का बंदी भी है। जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या नौ हो गई है। कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद भी लोग सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में जिम्मेदार और मरीज मास्क लगाने को तैयार नहीं हैं, जबकि संक्रमण यहां पर सबसे ज्यादा फैलने का डर रहता है।
24 मार्च को बंडा की महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वह होली मनाने के बाद अपनी ससुराल दिल्ली चली गई थी। रिपोर्ट आने के बाद आसपास के लोगों की सैंपलिंग कराई गई थी। उसके बाद बृहस्पतिवार को छह कोरोना के मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसमें एक हरदोई का रहने वाला था। उसे वहीं आइसोलेट किया गया था। शुक्रवार को रिपोर्ट में चार मरीज संक्रमित मिले हैं। इसमें जिला कारागार का एक बंदी शामिल है। इसके अलावा कांट, ददरौल और जलालाबाद के एक-एक व्यक्ति में कोरोना के लक्षण मिले हैं।
दावा एक हजार जांच का पर स्टेशन और रोडवेज पर नहीं मिलीं टीमें
कोरोना से बचाव के लिए हर रोज एक हजार जांचें किए जाने का दावा किया जा रहा है। सीएमओ का कहना था कि रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर भी कोविड की जांच की जा रही है। शुक्रवार को रोडवेज बस स्टेशन पर टीम नजर नहीं आई। रेलवे कर्मचारियों के अनुसार,जांच टीम स्टेशन पर नहीं आ रही है। ऐसे में यात्रियों की जांच नहीं हो पा रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज तक में मास्क नहीं लगा रहे मरीज और अधिकारी
कोविड से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग सिर्फ दिखावे के लिए किया जा रहा। शुक्रवार को आंबेडकर जयंती के मौके पर सामाजिक संस्था से जुड़ी महिलाएं फल वितरण करने पहुंच गईं। वह सभी बिना मास्क के थीं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार, सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार के साथ सभी फल वितरण करने के लिए चैंबर से बाहर निकल आए। कुछ दूरी पर चलने के बाद मीडिया को देखकर मास्क की याद आई तो आनन-फानन में मास्क की व्यवस्था कराई गई। वहीं अस्पताल में मरीजों को अपना घर, राजस्थान भेजने के कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मी तक मास्क नहीं लगाए हुए थे। मरीजों को भी मास्क लगाने के लिए जोर नहीं दिया जा रहा।
नोडल अधिकारी को फोन उठाने की फुर्सत नहीं
कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएमओ ने डॉ. पुष्पेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी बनाया है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सक्रिय रहकर लोगों से संवाद कायम करने के बजाए उन्हें फोन उठाने तक की फुर्सत नहीं है।
शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर बिना मास्क के ही टिकट लाइन में लगे यात्री।संवाद