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ट्रेन से शराब की तस्करी: रेलवे के दो कर्मचारी समेत चार गिरफ्तार, श्रमजीवी एक्सप्रेस से बरामद हुई थीं 56 बोतल

Mon, 27 Mar 2023 05:20 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

श्रमजीवी एक्सप्रेस के एसी तृतीय कोच में शराब की तस्करी करने के मामले में पुलिस ने रेलवे के दो कर्मचारियों समेत चार को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी हरियाणा से सस्ते दामों में शराब खरीदकर कोचों के बैटरी बॉक्स में रखकर तस्करी करते थे। 
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जीआरपी थाने में खड़े शराब तस्करी के चारों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई दिल्ली से चलकर राजगीर जाने वाली श्रमजीवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच से 56 शराब की बोतल बरामद होने के मामले में दो रेलकर्मियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। रेलकर्मियों की मिलीभगत से पैंट्रीकार के बैटरी बॉक्स में रखकर शराब की बोतलें ले जाईं जा रहीं थीं। हरियाणा से सस्ते दामों में शराब की खरीदारी कर बिहार में ऊंचे दामों में बिक्री की जाती थी।

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शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात जीआरपी के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह को ट्रेन से शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर के नेतृत्व में रेलवे पुलिस ने बी-वन, बी-टू व बी-थ्री कोच की बैटरी बॉक्स से शराब की 56 बोतलें बरामद की थीं। पुलिस ने पैंट्रीकार वेंडर रामचंद्र यादव निवासी पूरे भगतिन गंगरौली थाना कूड़ेभार प्रतापुर सुल्तानपुर को मौके से गिरफ्तार किया था।

पैंट्रीकार के मैनेजर राजेश कुमार निवासी जिला वैशाली बिहार और टेक्नीशियन मोहम्मद आफताब आलम निवासी जिला पटना बिहार और फिटर गौरीशंकर निवासी बनवारीपुर थाना हिलसा जनपद नालंदा को पुलिस के साथ लखनऊ तक ट्रेन से भेजा गया था। वहां से कोच के लिए दूसरे स्टाफ की व्यवस्था होने के बाद उन्हें वापस लाकर पूछताछ की गई। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेन से बरामद शराब की कीमत 33,500 रुपये के आसपास है।

रेलकर्मियों की मिलीभगत

ट्रेन से शराब की तस्करी का मामला जिले में पहली बार पकड़ में आया है। आशंका है कि शराब की तस्करी चारों आरोपी लंबे समय से करते आ रहे होंगे। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे हरियाणा से अंग्रेजी शराब को सस्ते में खरीदकर बिहार में सप्लाई करते थे। बिहार में शराब बंदी होने के कारण वहां हर बोतल के अच्छे भाव मिलते थे।
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स्टाफ के चलते शक नहीं होता था

इंस्पेक्टर ने बताया कि चारों रेलवे स्टाफ के होने के कारण पुलिस उन पर शक भी नहीं कर पाती थी। वे आसानी से हरियाणा से शराब खरीदकर ट्रेन में छिपाकर दिल्ली से बिहार ले जाते थे।

विभागीय गाज भी गिरेगी

ट्रेन से शराब की तस्करी करने के मामले में विभागीय गाज भी गिरेगी। जीआरपी से पूरे मामले की रिपोर्ट संबंधित मंडल को भेजी जाएगी। यहां से जांच के बाद गौरीशंकर और मोहम्मद आफताब आलम पर कार्रवाई होगी।
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