पैंट्रीकार के मैनेजर राजेश कुमार निवासी जिला वैशाली बिहार और टेक्नीशियन मोहम्मद आफताब आलम निवासी जिला पटना बिहार और फिटर गौरीशंकर निवासी बनवारीपुर थाना हिलसा जनपद नालंदा को पुलिस के साथ लखनऊ तक ट्रेन से भेजा गया था। वहां से कोच के लिए दूसरे स्टाफ की व्यवस्था होने के बाद उन्हें वापस लाकर पूछताछ की गई। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेन से बरामद शराब की कीमत 33,500 रुपये के आसपास है।
रेलकर्मियों की मिलीभगत
ट्रेन से शराब की तस्करी का मामला जिले में पहली बार पकड़ में आया है। आशंका है कि शराब की तस्करी चारों आरोपी लंबे समय से करते आ रहे होंगे। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे हरियाणा से अंग्रेजी शराब को सस्ते में खरीदकर बिहार में सप्लाई करते थे। बिहार में शराब बंदी होने के कारण वहां हर बोतल के अच्छे भाव मिलते थे।
स्टाफ के चलते शक नहीं होता था
इंस्पेक्टर ने बताया कि चारों रेलवे स्टाफ के होने के कारण पुलिस उन पर शक भी नहीं कर पाती थी। वे आसानी से हरियाणा से शराब खरीदकर ट्रेन में छिपाकर दिल्ली से बिहार ले जाते थे।
विभागीय गाज भी गिरेगी
ट्रेन से शराब की तस्करी करने के मामले में विभागीय गाज भी गिरेगी। जीआरपी से पूरे मामले की रिपोर्ट संबंधित मंडल को भेजी जाएगी। यहां से जांच के बाद गौरीशंकर और मोहम्मद आफताब आलम पर कार्रवाई होगी।