इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य के लिए व्यवस्थापकों के हाथ-पांव अभी से फूलने लगे हैं। हाथ-पांव फूलने का कारण भी ऐतिहासिक है। अर्थात जितनी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दो केंद्रों पर होना चाहिए, वह एक केंद्र पर ही होने जा रहा है।
गौरतलब है कि जिले में पिछले कई वर्षाें से राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट का तथा इस्लामिया इंटर कॉलेज और एबी रिच इंटर कॉलेज में हाई स्कूल का मूल्यांकन होता रहा है। जीआईसी में इंटर के मूल्यांकन के लिए दो लाख के आसपास उत्तर पुस्तिकाएं बोर्ड कार्यालय से आवंटित की जाती हैं, इसी तरह हाई स्कूल के केंद्रों पर भी इसी अनुपात में कापियां भेजकर उनका मूल्यांकन कराया जाता रहा है। इतनी कापियाें का मूल्यांकन कराने के लिए ही नियंत्रक (डीआईओएस) और उप नियंत्रक (केंद्र प्रभारी) को परीक्षकों की चिरौरी करनी पड़ती थी। लेकिन इस बार जीआईसी केंद्र पर इंटर की चार लाख से भी अधिक उत्तर पुस्तिकाएं आने की सुगबुगाहट हो रही है।
सूत्रों से पता चला कि करीब चार लाख, चार हजार कापियों के मूल्यांकन के लिए बोर्ड ने 860 परीक्षकों की सूची भी जारी कर दी है। यानी लगभग 89 टोलियां बनेंगी इतने परीक्षकों को संभालने के लिए। अब सवाल यह भी उठता है कि इतने परीक्षक आएंगे कहां से। जब दो लाख कापियां जंचवाने में उप नियंत्रकों के छक्के छूट जाते हैं, तो चार लाख उत्तर पुस्तिकाओं के लिए इतने शिक्षक कहां से अवतरित हाेंगे। फिलहाल इस बार का मूल्यांकन ऐतिहासिक होने की पूरी उम्मीद मालूम होती है।