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Shahjahanpur News: बाबा की हत्या करने पर चार पौत्रों को मिली उम्रकैद

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रामसागर मिश्र का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
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शाहजहांपुर। जमीन के विवाद में बाबा की हत्या करने के दोषी चार पौत्रों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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खुटार थाना क्षेत्र के गेहुआ निवासी अरविंद ने पुलिस को बताया था कि उसके बाबा पूर्व प्रधान रामसागर उनके साथ रहते थे। जमीन के विवाद और बाबा के उनके साथ रहने के कारण चाचा भोलानाथ और ताऊ देवेश कुमार उनसे रंजिश मानते थे। 19 जनवरी 2017 को बाबा रामसागर घर से शौच के लिए खेत पर जा रहे थे।
पुत्तन खां के गन्ने के खेत में पहले से घात लगाए देवेश कुमार, भोलानाथ, देवेश के बेटे रविप्रकाश, हरिप्रकाश, भोलानाथ के बेटे जयप्रकाश ने चाकू, तलवार और भाले से हमला कर दिया। इससे उनकी मौत हो गई थी। हत्या में गांव के रामप्रकाश उर्फ सुवा और मुकेश का भी हाथ है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की।
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विवेचना के बाद रविप्रकाश, हरिप्रकाश, श्रीप्रकाश और उसके भाई जयप्रकाश के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर रविप्रकाश, हरिप्रकाश पुत्र देवेश, श्रीप्रकाश और जयप्रकाश पुत्र भोलानाथ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जिसकी अंंगुली पकड़कर चलना सीखा...जमीन के लिए की उसकी हत्या
फैसले में अदालत ने कहा है कि दोषियों ने अपने घर के बुजुर्ग की हत्या की है। जिन्होंने अंगुली पकड़कर उन लोगों को चलना सिखाया होगा, जिनकी गोद में खेलकर वे बड़े हुए होंगे, उनकी हत्या जमीन को हथियाने के उद्देश्य से कर दी। यह कायराना हरकत है। इनको जितनी भी सजा दी जाए, कम है।

पांच एकड़ जमीन ने बो दिए थे दुश्मनी के बीज
खुटार। पांच एकड़ जमीन ने रामसागर और उसके दो पुत्रों के बीच दुश्मनी की बड़ी दीवार खड़ी कर दी थी। जमीनी विवाद में रामसागर के दो पुत्रों और एक अन्य पुत्र के बीच मुकदमेबाजी भी चल रही थी। रामसागर के पास कुल 16 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि थी। उन्होंने 11 एकड़ भूमि अपने तीन पुत्रों देवेश, भोलानाथ और सर्वेश को दे दी थी। पांच एकड़ भूमि अपने पास रख ली। रामसागर अपने छोटे पुत्र सर्वेश के साथ रहते थे और अपने हिस्से की जमीन भी सर्वेश को दे रखी थी। इस जमीन में देवेश और भोलानाथ हिस्सा मांग रहे थे। रामसागर ने अपने हिस्से की भूमि सर्वेश की पुत्रवधू सुधा, सुनीता, मनू और शीला के नाम कर दी थी। इससे रामसागर की दो पुत्रों देवेश और भोलानाथ से खटास और बढ़ गई थी। संवाद
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न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था। आठ साल बाद न्याय मिला है। पुलिस ने एफआईआर से देवेश कुमार, भोलानाथ, रामप्रकाश मिश्र सुआ, मुकेश मिश्रा के नाम निकाल दिए थे। इसकी विरुद्ध उच्च न्यायालय में रिट लंबित है। जब उन लोगों को भी सजा मिलेगी, तब पूर्ण संतुष्टि मिलेगी।
अरविंद कुमार मिश्रा (वादी)
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