शाहजहांपुर। नवम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने अपहरण के एक मुकदमे में दो सगे भाइयों समेत चार दोषियों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषियों को पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा से भी दंडित किया।
पुवायां थाना क्षेत्र के गांव टेहरी ढुकरी निवासी शांति देवी ने 12 जून 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 18 वर्षीय बेटा पवन कुमार लापता है। उसके गांव के रहने वाले गुड्डू, विनोद, बाबूराम और रिंकू से उनकी रंजिश चल रही है। उसके बेटे को जान से मारने की नीयत से उन लोगों ने उसका अपहरण किया है।
विवेचना के बाद गुड्डू के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा गया। इसके बाद अदालत ने बाबूराम, रिंकू और विनोद कुमार को तलब किया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील संतोष कुमार त्रिवेदी के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने विनोद कुमार और उसके सगे भाई रिंकू के अलावा गुड्डू और बाबूराम को दोषी पाया। चारों दोषियों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।