विभागीय अफसरों की मिलीभगत से सर्किल में धड़ल्ले से डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। समय-समय पर डीएम और एसपी की ओर से डग्गामार वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के आदेशों को यहां पर औपचारिकता में ही निपटा दिया जाता है। नतीजा यह होता है कि फिर से कोई न कोई हादसा हो जाता है।
बता दें कि पुवायां सर्किल में पुवायां-शाहजहांपुर, पुवायां-खुटार, पुवायां-बंडा, पुवायां-निगोही, खुटार-गोला, खुटार-मैलानी, खुटार-पूरनपुर, बंडा-खुटार, बंडा-पूरनपुर, बंडा-बिलसंडा आदि मार्गों पर दर्जनों डग्गामार वाहन बेखौफ होकर चलाए जा रहे हैं। हालत यह है कि पुवायां में राजीव चौक पर पुलिस पिकेट के पास, खुटार और सिंधौली में थाने के गेट के सामने से लटकी हुईं सवारियां लेकर खुलेआम निकलते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग जानबूझकर भी अंजान बना हुआ है इसका कारण आप खुद ही समझ सकते हैं। ऐसा भी नहीं कि पुवायां सर्किल में हादसे नहीं हुए हैं। कई बार डग्गामार वाहनों से एक-एक दुर्घटना में आठ-आठ मौतें हो चुकीं हैं। इसके अलावा डग्गामार वाहनों के कारण परिवहन विभाग को एक माह में कई लाख का नुकसान उठाना पड़ता है।
सीओ की सीख भी नहीं आई काम
पुवायां। सिंधौली में 19 दिसंबर 14 को मैक्स और टैंकर की भिड़ंत में कई राजस्वकर्मी, अधिवक्ता सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से पूरे जिले में डग्गामार वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया। डग्गामार वाहन चालकों ने मानक के अनुसार चलाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया तो सीओ उमेश शर्मा ने सभी की बैठक करके ड्राईवर वाली सीट के पास दो सवारी बैठाने, गाड़ी के बाहर सवारियां लटकी नहीं मिलने आदि शर्तों पर वाहन चलाने के निर्देश दिए थे। कुछ दिन तो मामला ठीक चलता रहा, इसके बाद उनका भी आदेश हवा में उड़ा दिया गया। जबकि वर्तमान में भी वहीं सीओ पुवायां में तैनात हैं।
पुवायां क्षेत्र में कब हुई बड़ी दुर्घटनाएं
-वर्ष 2011 में पुवायां मार्ग पर पीरू गांव के पास टैंकर-टाटा मैजिक भिड़ंत में पांच मरे।
-वर्ष 2012 में पुवायां स्टेट हाईवे पर पीरू गांव केपास ओवरलोड मैजिक गाड़ी पेड़ से टकराई, आठ मरे।
-19 दिसंबर 2014 को सिंधौली में मैक्स और ट्रक की टक्कर में आठ लोगों की मौत, 15 घायल।
-04 मई 2015 को खुटार में पूरनपुर रोड पर कार कंटेनर की टक्कर में पूरनुपर के छह युवकों की मौत।