लकड़ी से भरी एक गाड़ी पकड़े जाने के बाद वनकर्मी अब खुद को पाक साफ साबित करने के लिए नगर में छापेमारी कर रहे हैं। रविवार को कई जगह छापे मारे गए लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लग सका। रविवार सुबह एक गाड़ी में खुटार रेंज के बनकटा जंगल से चोरी से काटी गई कोरों की लकड़ी भरकर ले जाई जा रही थी। गांव बुझिया में लकड़ी भरा वाहन एक दीवार से टकरा गया तो चालक और लकड़ी तस्कर मौके से भाग निकले। चर्चा रही कि लकड़ी कटवाने में कुछ वनकर्मियों का ही हाथ था, सो वाहन फंसने की जानकारी मिलते ही वनकर्मी मौके पर जा पहुंचे और वाहन को लकड़ी सहित खुटार रेंज के मुख्यालय मैलानी ले गए। अधिकारी अवैध कटान के बड़े मामले में कार्रवाई न कर दें, इस डर से मामले को दबाने का भरपूर प्रयास किया गया और टाटा 407 में ऊपर तक भरी बेशकीमती लकड़ी की कीमत मात्र 60 हजार ही आंकी गई। इसके बाद वनकर्मियों ने नगर में पांच स्थानों पर छापेमारी की। बड़ा सवाल था कि लकड़ी भरा वाहन गांव बुझिया में पकड़ा गया तो खुटार में छापामारी से क्या साबित किया जा रहा है? छापे में कहीं से कुछ भी बरामद नहीं हो सका और लोगों की वनकर्मियों से जमकर नोकझोंक हुई। बताते चलें कि खुटार रेंज की खुटार वीट में चन चौकी नगर के मोहल्ला रायटोला में बनी है, लेकिन रायटोला मोहल्ले के लोग ही जंगल से सबसे ज्यादा कटान कर रहे हैं। कोरों, सागौन की बेशकीमती लकड़ी यहां ईधन के रूप में खुलेआम बेची जाती है। फारेस्टर कामता प्रसाद वर्मा ने बताया कि लकड़ी भरा वाहन पकड़े जाने के बाद लकड़ी तस्करों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। लकड़ी तस्करी में कौन लोग लिप्त हैं, इसकी जानकारी फारेस्टर नहीं दे पाए।