बंडा। आश्रम के नाम दान की गई जमीन को शिष्य द्वारा अपने और अपनी पत्नी के नाम दर्ज कराने से नाराज मौनी बाबा रामनाथ ने कानूनगो के आश्वासन पर 28 घंटे बाद बुधवार को अनशन खत्म कर दिया। उनके शिष्यों सहित ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि नितिन पटेल ने उन्हें चाय और जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया।
गांव कढे़र चौरा निवासी मौनी बाबा ने ढका घनश्याम गांव में अपनी खेती की कुछ जमीन गांव के सार सत्यगुरु आश्रम के नाम दान कर दी थी और वह स्वयं कढेरचौरा गांव के मंदिर पर पुजारी के रूप में रहने लगे। इसी दौरान जिला पीलीभीत के रहने वाला एक शिष्य ढका घनश्याम के आश्रम पर रहने लगा। इसी दौरान उसने दान की गई जमीन का आधा भाग फर्जी अभिलेखों से अपने और पत्नी के नाम करा लिया। इसी के विरोध में मौनी बाबा ने मंगलवार को सुबह नौ बजे से ढका घनश्याम आश्रम के पास अनशन शुरू किया था।
बुधवार को क्षेत्रीय कानूनगो महेंद्र पाल सिंह लेखपाल ललित को साथ लेकर आश्रम पहुंचे और बाबा को आश्वस्त किया कि इस मामले में न्यायालय में वाद दायर करके उनकी दान की गई जमीन आश्रम को जल्द वापस कराई जाएगी। इसके बाद बाबा अनशन खत्म करने के लिए राजी हो गए। इस मौके पर विपिन पटेल, अजमेर सिंह, इंद्रजीत, रवी वर्मा, महेश चंद्र वर्मा, चमन प्रकाश आदि शिष्य मौजूद रहे।