मौसम के मिजाज को देखते ऐसा लग रहा है मानो कोहरा और धूप में जंग छिड़ी हो। हालांकि, रविवार को भी इस रस्साकशी में सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद सर्दी से उपजी ठिठुरन का पलड़ा भारी रहा। गरीबों के लिए जगह-जगह जलते अलाव सर्दी से बचाव का सहारा बन रहे हैं। इस बीच, नगरपालिका परिषद ने टाउनहाल के रैनबसेरा में रात बिताने वाले बेघरों के लिए पुआल, दरियां, रजाइयों की व्यवस्था कराई है। दो दिन से भोर घने कुहासे में ढंकी मिलती है, लेकिन बाद में धूप निकलने से दिन में सर्दी का प्रकोप कुछ कम हो जाता है। हालांकि सूर्य अस्ताचल की ओर बढ़ने के साथ ही ठंड में भी बढ़ोत्तरी होने लगती है। रविवार को भी मौसम मेें इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रहा। सुबह हल्के कोहरे के बावजूद कड़ाके की सर्दी रही। सूर्योदय के बाद धूप दीवारों के सहारे जमीन पर उतरी तो लोग खुले स्थानों पर इकट्ठा होने लगे। दोपहर तक आसमान पर हल्के बादल छाए रहने से धूप में अधिक तेजी नहीं रही, लेकिन शीतलहर धीमी पड़ने से लोगों को सूर्य की हल्की किरणों से काफी राहत मिली। शाम चार बजे के बाद दिन ढलने के साथ सर्दी फिर से सताने लगी। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार शनिवार देर शाम से सुबह तक कोहरा गिरने की वजह से रात का तापमान 1.4 डिग्री घटकर 9.8 डिग्री रह गया, लेकिन दिन में धूप से पारा 1.5 डिग्री उछलकर 21.0 डिग्री पर पहुंच गया। इधर, दिहाड़ी कमाने वाले खेत मजदूरों, रिक्शे वालों, कूड़ा बीनने वालों आदि के लिए प्रशासन, नगरपालिका परिषद, विद्या प्लाई एंड बोर्ड कंपनी आदि ने शहर में रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा समेत सार्वजनिक महत्व के अधिकांश ठिकानों पर लकड़ी पहुंचाकर अलाव जलवाए। नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष तनवीर खां और अधिशासी अधिकारी मुनेंद्र सिंह राठौर ने रैनबसेरा का फीता काटकर शुभारंभ करके वहां गरीबों के ठहरने के लिए दरियां, रजाइयां भिजवाने के साथ अलाव शुरू कराया। इस मौके पर नगरपालिका के कर्मचारी, वार्ड मेंबर, सपा कार्यकर्ता आदि मौजूद रहे।