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पेयजल, पथ प्रकाश और सफाई जैसी बुनियादी दिक्कतों से जूझ रहे बाढ़ प्रभावित परिवार

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शाहजहांपुर। अनियोजित तरीके से बस रही कॉलोनियां और निगरानी व बंदोबस्त की लचर व्यवस्था का खामियाजा शहर से सटे इलाकों के लोग भुगत रहे हैं। खन्नौत नदी में उफान के साथ ही बाढ़ का पानी इंदिरानगर कॉलोनी के पूर्वी हिस्से में मकानों को ठोकर मार रहा है। लोधीपुर क्षेत्र में घरों के अंदर पानी पहुंच गया है। यहां के लोग पेयजल, बिजली और सफाई आदि बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
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खन्नौत नदी का जलस्तर शुक्रवार को 25 सेमी बढ़कर 145.75 मीटर हो जाने से शहर के पूर्वी हिस्से में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। जलस्तर बढ़ने से शहर के लोधीपुर से लेकर हनुमत धाम के पीछे मोहल्ला ख्वाजा फिरोज तक दर्जनों मकान बाढ़ में डूब गए और उनमें रहने वालों को रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण लेनी पड़ी है। लोधीपुर के हबीबुल्ला खां ने मकान के पीछे तलहटी में खाली पड़े प्लॉट पर टिन शेड डालकर उन्हें मजदूरपेशा परिवारों को किराए पर दे रखा है। इन मकानों में पानी भरने पर किराएदारों को मकान मालिक ने अपने घरों में शरण दे रखी है। लोधीपुर की कॉलोनी में अवधेश मिश्रा, नूर मोहम्मद और इरफान के घरों में पानी पहुंच गया है। इस कॉलोनी की गली में बिजली के खंभे लगाए गए हैं, लेकिन वहां पथ प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। रात में अंधेरा होने पर आसपास भरे पानी में घिरने का भय बना रहता है। कॉलोनी में दूर-दूर तक कोई हैंडपंप भी नहीं लगा है। इस कारण लोगों को पीने के लिए घरों में लगे कम गहराई वाले हैंडपंपों के दूषित पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सफाई व्यवस्था भी लचर बनी हुई है।
आंख खुली तो घर के अंदर था पानी
बृहस्पतिवार शाम तक घर के पास पानी आ गया था, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया। देर रात नींद खुलने पर घर के अंदर पानी भरा देखा तो जान बचाने को गृहस्थी का सारा सामान छोड़कर निकलना पड़ा। अब दुधारू भैंस को बांधने और उसके चारा की समस्या हो गई है। -साबिरा, लोधीपुर
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पीने के पानी की हो गई दिक्कत
सुबह से प्यास लगी है, लेकिन पीने का पानी नहीं है। बाढ़ के कारण घर के हैंडपंप से गंदा पानी निकल रहा है। अफसरों से कई बार कहा, लेकिन कॉलोनी की गली में दूर-दूर तक कोई हैंडपंप नहीं लगाया गया। गली के लोगों को पांच सौ मीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। -वफाती बेगम, लोधीपुर
गड्ढों में भरा पानी, पथ प्रकाश व्यवस्था चौपट
कॉलोनी की सभी गलियों में बिजली के खंभे लगाए गए, लेकिन उन पर प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं की गई। बाढ़ के दौरान रात के अंधेरे में घरों के आसपास भरे पानी में राहगीरों के गिरने का का डर बना रहता है। पानी बढ़ने पर रात में लोगों को घरों से बाहर रास्ता भी नहीं दिखेगा। -जयजय राम, लोधीपुर
मच्छर पनप रहे, बीमारी का खतरा बढ़ा
हमारी कॉलोनी के लोगों को इन दिनों हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है। इस दौरान गंदगी से मच्छर पनपने पर बीमारियां बढ़ जाती हैं, लेकिन सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। होली, दिवाली जैसे त्योहारों पर भी सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने नहीं आते। -अर्चना अग्निहोत्री, लोधीपुर
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