शाहजहांपुर। उत्तराखंड की पहाड़ियों से लेकर मैदानी इलाकों तक तीन दिन से हो रही बारिश के चलते जिले से होकर बहने वाली नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे की तुलना में कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर गंगा पांच सेंटीमीटर बढ़ चुकी है। नरौरा बैराज से पानी की निकासी बढ़कर दोगुनी हो जाने से गंगा में जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। अन्य बैराजों से भी पानी की रिलीज बढ़ने से रामगंगा समेत शहर के समीप गर्रा नदी में भी पानी सामान्य से अधिक हो गया है।
इस बार प्री मानसून की बारिश का सिलसिला जून के पहले सप्ताह से शुरू हो गया था, जबकि यह तीसरे सप्ताह में होनी थी। तीन चरणों में 94.6 मिमी वर्षा होने से बैराजों के ओवरफ्लो होने का खतरा पैदा हुआ तो वहां से पानी की निकासी बढ़ा दी गई। गत 20 जून की शाम नरौरा बैराज से 2.30 लाख क्यूसेक पानी निकला तो मिर्जापुर के ढाई घाट से लेकर कलान क्षेत्र के भैंसार बांध तक गंगा में उफान आने से बाढ़ के हालात बन गए।
यही नहीं, बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद के परौर क्षेत्र तक रामगंगा भी फैलाव लेने लगी।
बाद में बारिश का सिलसिला थमा तो नदियां फिर से सामान्य बहाव की स्थिति में आ गईं, लेकिन इधर तीन दिन से हो रही बारिश के कारण बैराजों से पानी की निकासी बढ़ी तो उसी अनुपात में नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बुधवार सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में पानी की निकासी 26678 क्यूसेक से बढ़कर 77819 क्यूसेक हो गई है। इसी तरह खो, हरेली, किच्छा, कालागढ़, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में पानी की मात्रा करीब 20000 क्यूसेक बढ़कर 72581 क्यूसेक हो गई है। ड्यूनी डाम से शहर के समीप बहने वाली गर्रा में पानी की निकासी बढ़कर 12030 क्यूसेक हो गई है, जबकि एक दिन पहले तक ड्यूनी से 4888 क्यूसेक पानी निकल रहा था।
सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार बारिश के असर से बदायूं के कछला घाट से लेकर कलान के भैंसार बांध तक गंगा बीते 24 घंटे मेें पांच सेमी बढ़ी है। कछला में गंगा 162 मीटर और भैंसार में 141.77 मीटर पर बह रही है। इसी तरह चौबारी में रामगंगा पांच सेमी बढ़कर 159.50 मीटर पर पहुंच गई है और शहर के समीप गर्रा का जलस्तर पांच सेमी बढ़कर 144.25 मीटर हो गया है। उनका कहना है कि बीते दिन से बारिश कम होने से खन्नौत का जलस्तर 20 सेमी कम होकर 143.35 मीटर पर आ गया है, लेकिन बैराजों से निकला पानी यहां पहुंचने पर बृहस्पतिवार को गंगा, रामगंगा और गर्रा का जलस्तर बढ़ने के आसार हैं।
बारिश और बूंदाबांदी से सड़कों पर हुआ कीचड़
मंगलवार को देर रात बूंदाबांदी कुछ घंटे तक थमी रही, लेकिन बुधवार को सुबह से रिमझिम फुहारों की झड़ी लग गई। दोपहर तक रुक-रुककर बूंदाबांदी होने और आसमान काली घटाओं से ढका होने के साथ ठंडी नम हवा चलने से मौसम सुहाना बना रहा, लेकिन सड़कों पर बरसाती पानी जमा होने से जगह-जगह कीचड़ के कारण इतनी फिसलन हो गई कि लोगों को वहां से निकलने मेें खासी असुविधा हुई।
सुबह से दोपहर तक पानी ज्यादा नहीं बरसा। इस वजह से कहीं जलभराव जैसे हालात नहीं बने, लेकिन बूंदाबांदी के कारण सड़कों पर जमा कूड़े-कचरे के ढेर फैलने से जगह-जगह कीचड़ हो गया। बता दें कि राजाना रात में बाजार बंद होने के समय कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों की सफाई कराकर सारा कूड़ा सड़कों पर बिखेर देते हैं। आज बकरीद के कारण नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपना नियमित काम करने के बजाय छुट्टी मनाई। यही वजह रही कि सुबह बूंदाबांदी शुरू हुई तो बरसाती पानी से सड़कों पर छितराई गंदगी ने लोगों का पैदल चलना दूभर कर दिया।
बहादुरगंज की गल्लामंडी के दलदल और कीचड़ में बदल चुके क्षतिग्रस्त रास्ते पर पहले से ही चलना कठिन बना हुआ है, बहादुरगंज बाजार का मुख्य मार्ग भी आज गंदगी से पटा नजर आया। लोहिया कॉलोनी से बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र के पीछे वाले रास्ते, पुराने जिला अस्पताल के सामने बिजलीपुरा की गलियों आदि कई स्थानों पर लोग कीचड़ में फिसलकर गिरते देखे गए।
मंगलवार रात में 0.6 मिमी बारिश के बाद बुधवार को दिन मेें केवल दो मिमी बरसात हुई, लेकिन शाम से हवा के कम दबाव का क्षेत्र प्रभावी होने के कारण बृहस्पतिवार को सुबह से दोपहर तक भारी वर्षा होने के आसार हैं। -डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद