शाहजहांपुर/मिर्जापुर। कलान तहसील के भैंसार बांध पर गंगा के जलस्तर मेें शुक्रवार को दूसरे दिन भी एक सेमी की मामूली कमी रिकार्ड की गई लेकिन मिर्जापुर क्षेत्र में तमाम तटवर्ती गांवों के आसपास अभी तक बाढ़ का पानी ठहरा हुआ है। गंगा की बाढ़ से चौतरफा घिरे आजादनगर गांव से पानी निकलने के बाद अब घरों में कीचड़ की सड़ांध फैलने से उनमें लोगों का रहना कठिन हो रहा है। इससे वहां संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से गांव के तमाम परिवार अभी तक सड़क पर डेरा डाले हैं। उधर, रामगंगा के जलस्तर मेें पांच सेमी वृद्धि होने के साथ परौर क्षेत्र के गांवों पर फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार शुक्रवार को फिर नरौरा बैराज से गंगा में 139398 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया जो बीते दिन की तुलना में 14000 क्यूसेक ज्यादा है। बताया गया कि बदायूं के कछला घाट पर गंगा का जलस्तर 10 सेमी बढ़कर 163.60 मीटर पर पहुंच गया है। वहां से शनिवार सुबह तक पानी यहां पहुंचने के बाद गंगा फिर उफनाने के आसार हैं। उधर, अन्य बैराजों से रामगंगा में 90173 क्यूसेक पानी की निकासी कर दी गई है जो कि मानसून के सीजन में सर्वाधिक है और इसे देखते अगले 24 घंटे मेें रामगंगा में उफान आना तय माना जा रहा है।
पानी कम होने से बढ़ा संक्रामक रोगों का खतरा
बीते दिन प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुओं से भरी 108 राहत किट वितरित की थीं। इस राहत किट में साबुन और लइया-चना शामिल नहीं किए जाने पर लोगों ने ऐतराज किया। इसे देखते तहसीलदार ने शुक्रवार को लइया-चना का वितरण कराया। ग्राम प्रधान फारुख अली का कहना है कि बाढ़ घटने के बाद सड़ांध भरे वातावरण में रहने से अब संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को संक्रामक रोगों की रोकथाम के उपाय करना चाहिए।
बाढ़ग्रस्त आजाद नगर में बैलगाड़ी से पहुंची नव विवाहिताएं
बृहस्पतिवार को बाढ़ से जलमग्न ग्राम आजादनगर के सलीम और रिंकू की बारातें नाव से निकलकर बदायूं जिले के कस्बा कादरचौक गई थीं। शुक्रवार को बाढ़ घटने पर दोनों नवविवाहिता बाढ़ से घिरे गांव में बैलगाड़ी से जाकर अपनी ससुराल पहुंचीं। घर की महिलाओं ने दरवाजे तक भरे बाढ़ के पानी में नई बहुओं का स्वागत किया।
समाजसेवी ने आश्रय स्थल पर लगवाया हैंडपंप
बाढ़ घटने के बाद भी गांव मे फैली गंदगी और सड़ांध की वजह से कई परिवार आज भी बसोला मार्ग पर झोपड़ी और पन्नी के नीचे पड़े हुए हैं। इन परिवारों की प्यास बुझाने को गांव के सपा नेता रिजवान अहमद ने हैंडपंप लगवाया है।